इंद्रपुरी जलाशय योजना के 18.40 करोड़ मंजूर


पटना : बिहार सरकार ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार करने के उद्देश्य से सोन नहर प्रणाली को स्थायित्व प्रदान करने के साथ ही 400 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए प्रस्तावित इंद्रपुरी जलाशय योजना की विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 18 करोड़ 40 लाख रुपये व्यय की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा गया कि सोन नहर प्रणाली को स्थायित्व प्रदान करने के साथ ही करीब 400 मेगावाट बिजली उत्पादन के उद्देश्य से प्रस्तावित इंद्रपुरी जलाशय के निर्माण के लिए डीपीआर तथा जलाशय में जमा होने वाले जल के कारण उत्पन्न एफ्लक्स प्रभाव का अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने के लिए परामर्शी सेवा कार्य पर 18 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे।

श्री मेहरोत्रा ने बताया कि इस जलाशय के बन जाने से इंद्रपुरी बराज में ङ्क्षसचाई के लिए सालों भर पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। साथ ही यहां से 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा। प्रधान सचिव ने बताया कि इंद्रपुरी जलाशय योजना के डीपीआर में बैक वॉटर का अध्ययन, एफ्लक्स प्रभाव का आंकलन, पर्यावरण तथा सामाजिक प्रभाव का अध्ययन एवं सक्षम प्राधिकार से इसकी मंजूरी, स्थल विशेष का भूकंपीय अध्ययन, गुण एश्योरेंस प्लान, सामग्री जांच, भूमि विकास तथा वृक्ष संवद्र्धन, परियोजना की लागत का अनुमान, उपलब्ध आंकड़ों का संग्रह और समीक्षा, बांध टूटान का विश्लेषण और बाढ़ के नक्शे की तैयारी जैसे कार्य शामिल हैं।

श्री मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार के रोहतास जिले के मटिआंव गांव के निकट प्रस्तावित इंद्रपुरी डैम का डूब क्षेत्र उत्तर प्रदेश और झारखंड में पड़ता है। इस पर राज्यों से सहमति बनाने के लिए केंद्रीय जल आयोग के स्तर पर कई अंतर्राज्यीय बैठकें हुईं। लेकिन, ओवरा जलविद्युत परियोजना के टेल रेस के डूबने के कारण उत्तर प्रदेश की सहमति नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि फरवरी 2016 में आयोग की बैठक में उत्तर प्रदेश की सहमति से यह निर्णय हुआ कि बिहार सरकार इंद्रपुरी जलाशय का पूर्ण जल भंडार स्तर 169 मीटर एवं अधिकतम जलस्तर 171 मीटर पर डीपीआर तथा जलाशय में जमा होने वाले जल के कारण उत्पन्न एफ्लक्स प्रभाव का अध्ययन प्रतिवेदन तैयार करे। बैठक में झारखंड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।