भाजपा की अपील, तेजस्वी के इस्तीफे की करें मांग


भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन के मुख्य घटक राष्ट्रीय जनता दल और जदयू के विधायकों से अपील की है कि वे अपने पार्टी अध्यक्षों से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से बेनामी संपत्ति मामले में आरोपी बनाए गए उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग करें। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजद विधायकों से भाजपा की अपील है कि कल होने वाली विधायक दल की बैठक में वे पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर एक हजार करोड़ रुपये की बेनामी सम्पति मामले में आरोपी तेजस्वी यादव से इस्तीफा दिलाने और राजद के वरीय सदस्य एवं वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी और ललित यादव में से किसी को उनकी जगह उप मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए।

 

सुशील मोदी ने कहा कि जदयू विधायक भी 11 जुलाई को होने वाली कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोपी मंत्री तेजस्वी और तेजप्रताप से इस्तीफा लेने और इस्तीफा नहीं देने पर उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के लिए दबाव डालें। भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि भाजपा को मटियामेट करने का मंसूबा पालने वाले यादव चारा घोटाले के दौर से ही विरोध करते रहे हैं और आज भाजपा केन्द्र में दो-तिहाई बहुमत के साथ तथा देश के 17 राज्यों में सरकार चला रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा यादव की गीदड़भभकी से डरने वाली नहीं है। मोदी ने कहा कि चारा घोटाले में जब जेल जाने की नौबत आई तो यादव ने धमकी दी थी कि यदि मुझे गिरफ्तार किया गया तो खून की नदियां बहेगी। वह जेल भी गए और सजा भी हुई लेकिन खून की नदी बहने की बात तो दूर, एक पत्ता भी नहीं हिला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सबसे मुखर विरोध राजद अध्यक्ष ने ही किया क्योंकि उन्हें मालूम था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके बाद बेनामी सम्पत्ति पर सख्त कार्रवाई करने वाले हैं लेकिन बिहार के गरीबों ने यादव के आह्वान को नजरअंदाज कर प्रधानमंत्री का साथ दिया।

भाजपा नेता ने कहा कि नोटबंदी के बाद मुख्यमंत्री कुमार ने भी प्रधानमंत्री से बेनामी सम्पत्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि लालू परिवार की बेनामी सम्पत्ति के खुलासे पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि सबूत है तो केंद्र कार्रवाई करें। कुमार अब अपना रुख बदल नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब गेंद सत्ता और सिद्धांत की कशमकश में फंसे कुमार के पाले में है।