स्थायी रक्षा मंत्री बनाने का कांग्रेस ने दिया सुझाव


पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की हरकतों की वजह से देश के समक्ष रक्षा चुनौतियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। रक्षा तैयारियों की पोल कैग रिपोर्ट से खुल ही चुकी है। बावजूद इसके मोदी सरकार देश के रक्षा विभाग को ज्यादा महत्व नहीं दे रही है। अगर महत्व देती तो यह विभाग अतिरिक्त प्रभार में नहीं चल रहा होता।

मैं प्रधानमंत्री जी से अनुरोध करता हॅू कि रक्षा मंत्रालय को स्थायी रक्षामंत्री मिले। श्री सिंह ने कहा कि मनोहर पार्रिकर के पहले और बाद में देश का यह महत्वपूर्ण मंत्रालय प्रभार में ही रहा है। मोदी सरकार के शपथ ग्रहण करने के बाद लगभग छह माह रक्षा मंत्रालय वित्त मंत्री के पास अतिरिक्त प्रभार में था। पुन: 14 मार्च, 2017 से अब तक यह विभाग प्रभार में ही चल रहा है।

इस मंत्रालय को स्थायी मंत्री उपलब्ध नहीं होने से रक्षा से संबंधित नीतिगत निर्णय को लागू करने में असर पड़ता है। जिसका खामियाजा हमारी रक्षा कमियों के रूप में सामने आ चुका है। जिसे कैग ने 2015 और 2017 के अपने दो रिपोर्ट से देश के सामने रख दिया है।

श्री सिंह ने कहा कि यह कितने आश्चर्य की बात है कि मोदी मंत्रिपरिषद में 77-78 मंत्री शामिल हैं। फिर भी रक्षा मंत्रालय को एक स्थायी मंत्री मुहैया नहीं हो पा रहा है। रक्षा की विभिन्न गंभीर चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार को अविलम्ब इस ओर ध्यान देना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके इस कमी को दूर करना चाहिए।