देश को गुमराह कर रहे रक्षा मंत्री


पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि एक तरफ कैग की रिपोर्ट कहती है कि युद्ध छिडऩे की स्थिति में सेना के पास महज 10 दिनों का ही गोला-बारूद है। तो दूसरी तरफ रक्षा मंत्री अरुण जेटली जी कहते हैं कि सेना के पास साजो सामान की कोई कमी नहीं है। अब सेना की मांग सामने आयी है कि गोला-बारूद खरीदने के लिए अतिरिक्त 20 हजार करोड़ रुपये मुहैया करायी जाये। सेना की इस मांग से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि रक्षामंत्री देश को गुमराह कर रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने हथियार व गोला-बारूद खरीदने के लिए भारत सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने 2017 के बजट में सशस्त्र बलों के लिए 2ण्74 लाख करोड़ का प्रावधान किया था। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि केंद्र सरकार ने संभवत: सेना की जरूरतों के हिसाब से कम बजटीय आवंटन दिया होगा। इतना ही नहीं वत्र्तमान केंद्र सरकार ने सेना के लिए आयात होने वाले रक्षा सामानों पर से सीमा शुल्क छूट भी वापस ले ली है।

इससे अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। जिसके लिए भी रक्षा मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया है कि अतिरिक्त फण्ड का आवंटन कर इस बोझ को खत्म किया जाये। श्री सिंह ने कहा कि सेना की जरूरतों में आ रही कमियों को भाजपा सरकार गंभीरता से क्यों नहीं ले रही है। यह समझ से परे है। जबकि यह देश की प्राथमिक आवश्यकता है। रक्षामंत्री से मेरा अनुरोध है कि अविलम्ब सेना की मांग को पूरी की जाये और देश को गुमराह नहीं किया जाये।