शिक्षा के साथ खेल का तालमेल जरूरी


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कंकड़बाग पटना स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 47वां राष्ट्रीय जूनियर ब्यॉयज अंडर-19 चेस चैम्पियनशिप 2017 एवं 32वां राष्ट्रीय अंडर-19 चेस चैम्पियनशिप के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये इसके संयोजक नवीन उपाध्याय को बधाई देता हूॅ। उनके प्रयास से अंडर-19 चेस चैम्पियनशिप 2017 का बहुत शानदार तरीके से आयोजन हुआ। उन्होंने इस चेस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देष के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स में पिछले कुछ वर्षों से निरंतर राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है।

शतरंज के राष्ट्रीय प्रतियोगिता का भी यहॉ आयोजन हुआ। पटना में कभी इस प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हुआ था। इसके लिये उन्होंने एक बार फिर से आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमने कभी शतरंज नहीं खेला है। शतरंज के मोहरों का नाम जानते हैं किन्तु अब वह भी दिमाग से निकल गया है। उन्होंने कहा कि शतरंज एक अद्भूत खेल है, जिसमें पूर्ण ध्यान केन्द्रित कर खेलना पड़ता है। आज यह विश्व में लोकप्रिय खेल है और विश्व में साठ करोड़ से भी अधिक लोग नियमित रूप से शतरंज का खेल खेलते हैं।

शतरंज के खेल में रूस के लोग सबसे ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। भारत के विश्वनाथन आनंद ने शतरंज की विश्व प्रतियोगिता भी जीती है। उन्होंने कहा कि अब कम्प्यूटर भी चेस खेलने में महारथ हासिल कर चुके हैं, जो एक खतरनाक चीज है। यह भविष्य के लिये मानव जाति के लिये चेतावनी भी है। मनुष्य के खेल में कम्प्यूटर कहॉ से आ गया, यह समझ में नहीं आता। हम इसके विषेषज्ञ तो नहीं हैं किन्तु कम्प्यूटर के जरिये इस खेल की इजाजत नहीं होनी चाहिये। श्री कुमार ने कहा कि पटना में राष्ट्रीय जूनियर चेस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, इससे शतरंज की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ख्ेाल को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास किये गये हैं।

खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजगीर में स्पोटर््स अकादमी और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की कार्रवाई की जा रही है। यह छह सौ करोड़ रूपये से अधिक की योजना है, जिसकी मंजूरी हो चुकी है। उसी राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित किया गया है, उसके पास ही स्पोट्र्स अकादमी और फिल्म सिटी का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमलोग खेलों को बढ़ावा देने के लिये प्रखण्ड स्तर भी स्टेडियम की स्थापना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवा जब इस तरह की मांग करते हैं तो हमें खुशी होती है। इससे पता चलता है कि लोगों के मन में खोल के प्रति कितना प्रेम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभावान खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण सुविधा प्रदान किये जाने के तहत एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की गयी है। इस योजना के तहत भोजन मद की राषि को सौ रूपये से बढ़ाकर 225 रूपये प्रतिदिन कर दिया गया है। प्रशिक्षकों का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। इससे खेल के प्रति झुकाव होगा। उन्होंने कहा कि यहॉ के युवाओं में जबर्दस्त मेधा है। देश में किसी भी स्तर की परीक्षा हो तो आप पायेंगे कि बिहार के बच्चे सबसे ज्यादा उतीर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले दस वर्षों में अनेक प्रकार के नये शिक्षण-संस्थान स्थापित किये गये हैं और किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खेल का शिक्षा के साथ तालमेल होना चाहिये। पढ़ाई के साथ किसी एक खेल को अपनाया जाय तो इससे व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास गौरवशाली है किन्तु धीरे-धीरे नीचे चला गया। हम अपने गौरवशाली इतिहास को पुन: कायम करने के लिये प्रयासरत हैं और हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चम्पारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। गॉधी जी के विचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिये कहानी संग्रह प्रकाषित करने की कोशिश की गयी है।

वर्ग 4 से 8 तथा वर्ग 9 से 12 तक के लिये अलग-अलग कहानी प्रकाशित की गयी है। इसका वाचन स्कूलों में प्रार्थना के बाद होगा। गॉधी जी के विचारों को कहानियों के जरिये छात्र-छात्राओं को सहज ढ़ंग से परिचित कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर घर में गॉधी जी के विचारों के साथ दस्तक दिया जायेगा। उन्होंने खादी के प्रयोग को भी बढ़ावा देने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी के बच्चे शतरंज के साथ-साथ चरखा को भी समझ लेंगे, गॉधी जी के विचारों को आत्मसात कर लेंगे तो यह बहुत बड़ी बात होगी। उन्होंने कहा कि युवा पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज खेलें और मानसिक बल और एकाग्रता बढ़ाने में इसका उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि ताकत और बुद्धि को यदि सदाचार की ओर ले जाया जाय तो देश ऊॅचाई पर चला जायेगा। हमारा राज्य और देश जिस ऊॅचाई पर था, हम उस ऊॅचाई को फिर से प्राप्त कर लेंगे और इसमें हमारे युवाओं की अहम भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विजेता और उप विजेता को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। समारोह को कला, संस्कृति एवं युवा कार्य मंत्री कृष्ण कुमार ऋ षि, अध्यक्ष खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार विनय कुमार सक्सेना, आयोजन समिति के संयोजक नवीन उपाध्याय एवं चैम्पियनषिप के मुख्य निर्णायक एसी जोशी ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर विधान पार्षद संजय सिंह, सचिव बिहार चेस एसोसिएशन अरविन्द कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष बिहार चेस एसोसिएशन धर्मेन्द्र कुमार, सदस्य पूर्वी जोन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग श्रीमती संगीता कुमारी, उपाध्यक्ष बिहार चेस एसोसिएशन विपल्व रंधीर, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी पटना संजय कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभागीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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