अपराध के मामले में सरकार का दावा भ्रामक


पटना : सूबे में रोजाना बढ़ रहे अपराध के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता तथा इस्लामपुर के पूर्व विधायक राजीव रंजन ने अपना बयान जारी कर नीतीश सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद नीतीश जी और उनके सहयोगी विभिन्न मंचों से प्रदेश में अपराध घटने का दावा कार रहे हैं लेकिन अगर बिहार पुलिस के आंकड़ो पर ही भरोसा करें तो नीतीश जी और सहयोगियों का दावा उनके सुशासन के दावे के तरह ही झूठा साबित हो जाता है।

आंकड़ों के हिसाब से तुलना करें तो नीतीश राज में लालू-राबड़ी राज से ज्यादा आपराधिक घटनाएं घट रहीं हैंए लेकिन सरकार झूठे तथ्यों के आधार पर जनता को गुमराह करते हुए अपनीअपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है। उन्होंने बताया कि लालू-राबड़ी के जंगलराज में 2001-04 में दर्ज कुल संज्ञेय अपराधों की संख्या 410511 थी, वहीं नीतीश जी के आतंकराज में 2013.16 तक यह संख्या बढ़ कर 765063 हो गयी। सिर्फ इस साल अप्रैल तक कुल 67819 संज्ञेय अपराध की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। 2001 में जहां डकैती-लूट की कुल 75369 घटनाए हुई थी वहीं 2013-16 में यह बढ़ कर 120867 हो गयीं।

अगर इस साल को देखें तो सिर्फ अप्रैल तक राज्य में लूट-डकैती तथा चोरी आदि की कुल 10400 घटनाएं हो चुकी हैं और उसके बाद भी सरकार का सूबे में अपराध घटने का दावा करना, बिहार की जनता के साथ एक कू्रर मजाक नही तो और क्या हैघ् अगर अपहरण की घटनाओं की बात करें तो 2001-04 तक कुल 9686 घटनाएं हुई थी वहीं 2013-16 तक नीतीश राज में अपहरण की कुल 26754 घटनाए घट चुकी है।

इस साल अप्रैल तक सूबे में कुल 2850 लोग अपहृत हो चुके हैं। उसी तरह जंगलराज में 2001-04 तक बलात्कार की 3488 घटनाएं हुई थीए लेकिन 2013-16 तक नीतीश राज में यह आंकड़ा बढ़ कर 4304 हो चुका है। इस साल अप्रैल तक यह आंकड़ा 368 तक पंहुच चुका हैश्। यह सारे आंकड़े बिहार पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है फिर भी महागठबंधन के नेता दिन रात सूबे में अपराध घट जाने का झांसा जनता को देते रहते हैं।

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.