राजनीतिक अस्थिरता से विकास प्रभावित


पटना : बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता डा. प्रेम कुमार ने कहा कि सुबे में राजनितिक अस्थिरता के कारण विकास कार्य ठप्प हो गया है। चालू वित्तिय वर्ष के तीन महीनें बीत गये, किन्तु सरकार विकास के कार्यो को करने में पिछड़ रही है। तीन माह में महज छह फीसदी राशि ही खर्च हो सकी है। सूबे की सरकार ने आधे से अधिक विभागों के योजनाओं को अबतक शुरू भी नहीं की है।

डा. कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के विकास के प्रति उदसीन रवैयें एवं विभागों की दिलचस्पी नहीं लेने के कारण बजट सत्र में योजना मद में स्वीकृत राषि एवं विभागों को प्रथम किश्त की राशि उपलब्ध कराने के बाद भी इन्हें खर्च करने में सरकार कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। अबतक महज 6.39 फीसदी रूपये ही खर्च हुए हैं, इसमें 20 विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने अपना खाता तक नही खोला है।

छह-सात विभाग ही ऐसे है, जिन्होंने 10 फीसदी रूपये अबतक खर्च किये हैं। डा. कुमार ने कहा कि सूबे के मुख्य विभाग जो विकास से संबंधित है जैसे कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा कल्याण, सहकारिता, वित्त, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, उद्योग, सूचना एवं जन संपर्क, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, खनन, लघु जल संसाधन, पंचायती राज, पीएचइडी, एससी-एसटी कल्याण, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, समाज कल्याण, गन्ना उद्योग, पर्यटन और परिवहन जैसे महत्वपुर्ण विभागों ने अब तक अपना खाता भी नही खोला है।

जिससे सुबे का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है एवं रोजगार के अवसर समाप्त हो रहें हैं। डा. कुमार ने कहा कि सरकार में शामिल दलों के आपसी टकराव का नतीजा सूबे की जनता को उठाना पड़ रहा है। जिसका नतीजा है कि आयें दिन सड़कों पर शिक्षक, छात्र, ऑगनबाड़ी सेविका-सहायिका, होमगार्ड के जवान, डॉक्टर-मरीज, सरकारी कर्मचारी अपनी मॉगो को लेकर धरना-प्रर्दशन, आंदोलन एवं भुख-हड़ताल करने को विवश है।

ना तो समय पर लाभुकों को राशन, किसानों को खेती के लिए डिजल सबसिडी, छात्रों को छात्रवृति, मरीजो को दवा, शिक्षको एवं सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन, कबीर अंत्येष्ठि योजना की राशि, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि मिल रही ना ही सूबे का विकास हो पा रहा है। कहीं सड़क गड्ढे में तब्बदील हो रहें, तो कही हल्की बारिश में बाढ़ जैसा नजारा देखने को मिल रहा है।