बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नीतीश ने केंद्र से की सेना भेजने की मांग


बिहार के अररिया, पूर्णिया और किशनगंज के साथ-साथ कटिहार में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर है। इसके अलावा सीमांचल, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण के कुछ इलाके भी बाढ़ में डूबे हुए हैं। उत्तरी बिहार और नेपाल के तराई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से अप्रत्याशित जल भराव हो गया है, जिसके कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है।

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किशनगंज, अररिया, फोरबिसगंज, जोगबनी और पश्चिम चम्पारण के नरकटियागंज में बाढ़ से घरों में पानी घुस गया है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है। यहां तक की मकान और गाड़ियां सभी पानी में डूबी हुई हैं। कई लोग अपने घरों में ही फंसे हुए हैं। वही एसडीआरएफ की टीमें लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी हुई हैं।

इधर, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षामंत्री अरुण जेटली से फोन पर बातचीत कर सेना और वायुसेना की मदद मांगी है। उन्होंने केंद्र सरकार से NDRF की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों की मांग की है। साथ ही राहत और बचाव के लिए वायु सेना के हेलिकप्टर की तैनाती का अनुरोध किया है।

बताते चलें कि बाढ़ की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। किशनगंज (केएनई) स्टेशन (कटिहार डिवीजन में) और आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण पांच रेलगाड़ियां रद्द हो गईं है।