शानदार है लोक शिकायत अधिकार


पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लोगों को अपनी शिकायतों की सुनवाई और उसके निराकरण का एक ऐसा अवसर प्रदान करता है, जो अपने आप में यूनिक है। उन्होंने कहा कि जब लोगों की शिकायतें दूर होगी तो लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि बिहार लोक शिकायत अधिकार अधिनियम सषक्त कानून के रूप में उभर रहा है और इसके क्रियान्वयन से लोगों के मन में संतोष का भाव पैदा हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन पटना द्वारा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के सफल एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर मौलाना मजहरूल हक ऑडिटोरियम पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2006 से जनता के दरबार में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शुरू किया। जब हमने शुरू किया तो राज्य से लेकर थाना स्तर तक के सभी अधिकारियों को जनता के दरबार में शामिल होने के लिये दिन निर्धारित किये गये।

हर सोमवार को हम जनता के दरबार में उपस्थित होते थे। लगभग आठ-नौ साल इस कार्यक्रम को लगातार किया और महसूस किया कि लोगों के शिकायतों का कुछ हद तक तो समाधान हो रहा है लेकिन शिकायत के निवारण की गारंटी नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमने लोगों की शिकायतों का अध्ययन भी कराया और हमने देखा कि इतनी मेहनत के बाद भी 40 से 45 प्रतिशत से ज्यादा समस्या का समाधान नहीं कर पाते हैं, तब हमने सोचा कि इसको कानूनी अधिकार दिया जाना चाहिये और अंतत: 5 जून 2016 से बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम को क्रियान्वित कर लोगों को अपनी शिकायतों के निवारण का कानूनी अधिकार दिया गया।

उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में एक वर्ष में एक लाख 66 हजार शिकायतें आयी है और एक लाख 42 हजार शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित विभिन्न स्तरों के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों से कहा कि इसके क्रियान्वयन में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन की भूमिका के साथ-साथ आपकी बहुत बड़ी शिम्मेवारी है। मुख्यमंत्री ने बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के माध्यम से विभिन्न स्तरों के लोक शिकायत निवारण के पहलुओं को सघन अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मुझे खुषी है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के पष्चात एक वर्ष में शितनी समस्याओं का निराकरण हुआ, उतना दस साल में जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण कानून और लोक सेवा अधिकार कानून मामूली चीश नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने दस साल लगातार जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में भाग लिया।

कुछ लोग शुरू करते हैं और भूल जाते हैं। हमने इसे लॉजिकल इण्ड तक पहुॅचाया। लोक शिकायत निवारण कानून के माध्यम से अनुमण्डल, शिला एवं विभागीय स्तर तक कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब हमने लोक सेवा का अधिकार कानून लागू किया था तो कई राज्यों के अधिकारी इस प्रक्रिया को देखने आये। कर्नाटक के एक मंत्री तक आकर इसका अध्ययन किये और कई राज्यों ने अनुकरण भी किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया।

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