नीतीश ने रक्षाबंधन पर वृक्ष को बांधी राखी


पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रक्षाबंधन के अवसर पर पूर्व की भांति इसबार भी वृक्ष को राखी बांधी और कहा कि हम बिहार में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हरसंभव काम करेंगे तथा इस वर्ष के अंत तक राज्य के हरित क्षेत्र को 15 प्रतिशत तक ले जायेंगे। नीतीश ने रक्षा बंधन के मौके पर पटना के वीर कुंवर सिंह पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वृक्ष को राखी बांधी और वृक्षारोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम बिहार में पर्यावरण की सुरक्षा के लिये हरसंभव काम करेंगे। उन्होंने कहा कि आज रक्षा बंधन का दिन है। रक्षा बंधन के अवसर पर वर्ष 2011 से वृक्ष सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। हम पेड़ को राखी बांधते हैं और उसके रक्षा का संकल्प लेते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां हरियाली की कमी थी। झारखण्ड के बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण नौ प्रतिशत से भी कम था। नीतीश ने कहा कि इस विषय पर काफी विचार-विमर्श किया गया कि हम बिहार का हरित क्षेत्र को कितना कर सकते हैं। सभी चीजों के मंथन के पश्चात यह नतीजा निकला कि इसे हम अधिकतम 17 प्रतिषत तक ले जा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुये यह तय किया गया कि वर्ष 2017 तक हम बिहार के हरित क्षेत्र को 15 प्रतिशत तक ले जायेंगे। इसके लिये हरियाली मिशन का शुभारंभ वर्ष 2011 से किया गया। 24 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। आज हमने इस निर्धारित लक्ष्य को लगभग प्राप्त कर लिया है। इसी तरह आगे हरित क्षेत्र को 17 प्रतिशत का लक्ष्य भी प्राप्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य में वृक्ष रक्षा के साथ-साथ मनरेगा कार्यक्रम के अन्तर्गत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। बांध पर और सड़कों के किनारे वृक्ष लगाये गये। किसानों को भी अपने खेत के चारों तरफ वृक्ष लगाने को कहा गया, इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। नीतीश ने कहा कि शुरू में बिहार में पेड़ लगाने के लिये पौधों की उपलब्धता कम थी। इस तरफ भी ध्यान दिया गया। आज बिहार में लगाने के लिये प्रर्याप्त मात्रा में पौधे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि हम 15 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से वृक्षारोपण कार्य का सर्वेक्षण करायेगी। हमें और आगे बढऩा है।

उन्होंने कहा कि आज मौसम का मिजाज किस तरह से बदलता रहता है। कभी कम वर्षा होती है, कभी भारी वर्षा होती है, वज्रपात भी कितना होने लगा है। उन्होंने वज्रपात के संबंध में कहा कि अगर समय से पहले पता चल जाय तो बचाव किया जा सकता है। इस क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है। नीतीश ने कहा कि गंगा नदी को ही देख लीजिये, गंगा नदी की अविरलता एवं निर्मलता बनाये रखने के लिये राज्य सरकार एवं केन्द, सरकार काम कर रही है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का सेमिनार आयोजित किया गया। केंद्र सरकार को भी सुझाव दिया गया। आज गंगा नदी में गाद जमा है, थोड़ी बारिश होने पर भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग को भी निर्देश दिया गया है। सीवरेज तथा ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ किया जायेगा। नाले के पानी का शोधन किया जायेगा। शोधन के बाद भी पानी को नदी में नहीं छोड़ा जायेगा बल्कि इस जल का उपयोग सिंचाई के लिये किया जायेगा।

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.