बेदाग छवि नहीं रही नीतीश की


पटना : बिहार विधान सभा की लोक लेखा समिति के सभापति और वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने को बेदाग छवि वाला कहने का नैतिक अधिकार नहीं है। भ्रष्टाचारियों और सजायफ्ता लोगों के साथ गठबंधन कर बेदाग छवि के होने का अधिकार ही उन्होंने खो दिया है। श्री यादव ने आज यहां कहा कि चारा घोटाला हो या जमीन घोटाला या शहाबुद्दीन टेप प्रकरण सभी मामलों में नीतीश कुमार की चुप्पी बताती है कि वे अपराध के शिकंजे में घिर रहे निरंतर कमजोर होते लालू के कंधों पर शान से अपनी सरकार चलाना चाहते हैं।

पूर्व में लगे नाना प्रकार के आरोपों और अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से लालू प्रसाद की राजनीतिक कमजोरी जगजाहिर हो चुकी है। जिसका ‘मौनंम स्वीकार लक्षणम’ की कहावत को अंगीकार करते हुए नीतीश कुमार इसका लाभ लेने में जुटे हैं। सत्ता में बने रहने के लिए अब उन्हें ‘दागी छवि’ की भी परवाह नहीं है।  श्री यादव ने कहा कि चारा घोटाला के लिए पूरे देश में बिहार बदनाम हुआ। लालू प्रसाद जी पर अब कई अन्य प्रकार के घोटाले के आरोप लगे हैं जिसका न तो वे स्वयं उत्तर दे पा रहे हैं और न नीतीश कुमार ही बोल रहे हैं। सत्ता के लिए चारा घोटाला के आरोपी से समझौता नीतीश कुमार के लिए महंगा साबित होगा। मात्र डेढ़ साल की अवधि में ही महागठबंधन की सरकार हांफने लगी है। किसी भी वक्त यह अंतिम सांस ले सकती है। ये जो पब्लिक है सब देख रही है।