हमें आपसे सीखने की जरूरत नहीं, नीतीश की कांग्रेस को नसीहत


Nitish Kumar

नई दिल्ली: बिहार में महागठबंधन की सरकार चलाने वाली तीनों पार्टियों के बीच दरार गहरी होती दिख रही है। नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जहां एनडीए के राष्ट्रपति पद उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को सपोर्ट करने की ठान चुके हैं। वहीं राजद और लालू प्रसाद खुले तौर पर यूपीए की राष्ट्रपति पद उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में हैं।

राजद द्वारा आगामी 27 अगस्त, 2017 को आयोजित की जाने वाली ‘बीजेपी हटाओ, देश बचाओ’ रैली में जहां अखिलेश और मायावती के साथ-साथ कांग्रेस के बड़े नेताओं के मौजूद होने की बात कही-सुनी जा रही है। वहीं नीतीश कुमार इस पर अब तक चुप्पी साधे बैठे हैं। जेडीयू का मानना है कि ये किसी महागठबंधन की रैली नहीं ये यूपीए की रैली है और जेडीयू यूपीए का हिस्सा नहीं है। पहले जहां पार्टी के नेता व महासचिव श्याम रजक ने नीतीश कुमार के इस रैली का हिस्सा न होने की बात कही थी। वहीं अब जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह कह रहे हैं कि लालू प्रसाद के आमंत्रण पर नीतीश कुमार इस रैली में सहभागी हो सकते हैं। हालांकि उनकी पार्टी अब भी इस रैली से दूर ही रहने की बात हवा में है।

पहले जहां नीतीश कुमार एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार में सामने आए। वहीं वे अब GST के साथ भी नजर आ रहे हैं। उनका ऐसा करना बिहार में महागठबंधन की सरकार चलाने वाले राजद और कांग्रेस के लिए असहज भी है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद इस पर नीतीश कुमार पर परोक्ष रूप से हमला भी बोल चुके हैं।

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