भ्रष्टाचारियों से शरद का हमदर्दी क्यों


पटना, (वार्ता): बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने श्री नीतीश कुमार के महागठबंधन से नाता तोड़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)के साथ सरकार बनाने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव की जारी बयानबाजी पर कहा कि हवाला मामले में नाम आने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले श्री यादव आज किन परस्थितियों में लालू परिवार के भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं।

श्री मोदी ने सवालिया लहजे में आज यहां कहा कि हवालाकांड मामले में नाम आने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले श्री यादव आज किन परस्थितियों में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार के भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने श्री यादव के बयान पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकनायक जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में देश में शुरू हुए छात्र आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले श्री शरद यादव आज लालू परिवार के भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं।

जनादेश के अपमान की बात करने वाले श्री यादव बतायें कि जब उन पर हवाला कांड का आरोप लगा था तो उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा क्यों दे दिया था। क्या बिहार की जनता ने एक परिवार की अकूत बेनामी सम्पत्ति और भ्रष्टाचार के संरक्षण के लिए जनादेश दिया था। श्री मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को जनादेश भ्रष्टाचार का संरक्षण करने के लिए नहीं बल्कि राज्य से भ्रष्टाचार समाप्त करने के साथ ही विकास और सुशासन के लिए दिया था।

उन्होंने कहा कि जनादेश भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर मिला था। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं कर एक अनूठा उदाहरण पेश किया है और आज प्रदेश की जनता श्री कुमार के इस निर्णय से खुश है। भाजपा नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि श्री शरद यादव को जनादेश अपमान यात्रा पर निकले राष्ट्रीय जनता दल(राजद) विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव से पूछना चाहिए कि महज 26 वर्ष की उम्र में वह 26 बेनामी संपत्ति के मालिक कैसे बन गए।

उप मुख्यमंत्री ने श्री तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने बैठ कर इस बात के लिए प्रायश्चित करें कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने उन्हें अपने भ्रष्टाचार के दलदल में किस तरह से फंसा दिया है। श्री तेजस्वी को तो इसलिए भी माफी मांगनी चाहिए कि इतनी कम उम्र में भ्रष्टाचार के जरिए वह अकूत बेनामी सम्पत्ति के मालिक कैसे बन गए।

श्री मोदी ने कहा कि जदयू नेता श्री यादव को श्री तेजस्वी यादव से यह भी पूछना चाहिए कि आखिर पटना के सगुना मोड़ के पास 200 करोड़ रुपये की तीन एकड़ जमीन उन्हें कैसे मिली, जिस पर उनका 750 करोड़ रुपये का मॉल बन रहा था। दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 115 करोड़ के मकान के वह मालिक कैसे बने। इसी तरह वह कई मुखौटा कंपनियों के मालिक कैसे बन गए। कई राजनेताओं ने अपनी करोड़ों की सम्पत्ति उन्हें ही क्यों दान में दी। उन्होंने कहा कि दरअसल जनादेश का अपमान तो भ्रष्टाचार का समर्थन और संरक्षण कर राजद और कांग्रेस कर रही है।

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