CBI ने सेना में स्थानांतरण रैकेट का भांडा फोड़ा


नई दिल्ली : सीबीआई ने सेना मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की संलिप्तता वाले स्थानांतरण रैकेट का भंडाफोड़ दिया। ये अधिकारी रिश्वत लेकर तैनाती में हेराफेरी कर करते थे। सीबीआई ने एकत्र की गई खुफिया जानकारी के आधार पर लेफ्टिनेंट कर्नल पर मामला दर्ज किया। सीबीआई ने लेफ्टिनेंट कर्नल और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया गया है।

 लेफ्टिनेंट कर्नल रंगनाथन सुब्रमणि मोनी और गौरव कोहली को उस समय गिरफ्तार किया जब बेंगलूरू में रह रहे एक सैन्य अधिकारी के तबादले के लिए दो लाख रूपये की कथित रिश्वत दी जा रही थी। प्राथमिकी में एक ब्रिगेडियर का नाम है लेकिन आरोपियों की सूची में उसका नाम शामिल नहीं किया गया। सैन्य मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता के साथ यह कथित रैकेट संदिग्ध रूप से चल रहा था।

सीबीआई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि यह रिश्वत हवाला माध्यमों के जरिए दी जा रही थी। एजेंसी इस पर भी ध्यान दे रही है कि सैन्य अधिकारी अपनी पसंद की जगह पर तैनाती पाने के लिए किस प्रकार लाखों रूपये देने के लिए तैयार थे। इस मामले में दलाल गौरव कोहली, हैदराबाद का पुरुषोत्तम, बेंगलुरु के अधिकारी एस सुभाष पर केस दर्ज किया गया है।

ऐसा आरोप है कि मोनी ने कोहली एवं सैन्य अधिकारी पुरुषोत्तम मिल कर धन लेकर तबादला करने का रैकेट चला रहे थे। पुरुषोत्तम ऐसे अफसरों से संपर्क बनाता था जो अपनी मनपसंद जगह पर तबादला चाहते थे। इसके लिए वे बड़ी मात्रा में धन की मांग करते थे। एस सुभाष पर आरोप है कि उसने अपने तबादले के लिए कोहली तक रिश्वत की पांच लाख रुपये की रकम हवाला के जरिए पहुंचाई। इसमें से कोहली ने दो लाख रुपये की रकम मोनी तक पहुंचाई।