नक्सलियों को वायुसेना देगी करारा जवाब


रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में वायु सेना का विमान माओवादी गतिविधियों पर नजर रखेगा। इस मामले में वायुसेना के एंटी नक्सल विंग प्रमुख एयर कमोडोर अजय शुक्ला ने दावा किया की बस्तर में तैनात वायुसेना के विमान और नक्सल मोर्चे पर वायु सैनिकों की भूमिका हमलावर नहीं हैए और ना ही इस तरह की कोई मंशा है। उन्होंने स्पष्ट किया की माओवादियों की तरफ से किसी तरह का हमला होने की स्थिति में हमें ऑपरेशन की स्वतंत्रता है दरअसल वायु सेना देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षाबलों को टोही मदद कर रही है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर एवं राजनांदगांव से लेकर तेलंगाना उड़ीसा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर नजर रखते हुए फोर्स को सहयोग दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक नक्सल विरोधी अभियान मैं अब सरकार कोई कसर बाकी छोडऩे के मूड में नहीं है। इस मामले में नक्सलियों के खात्मे को लेकर रणनीति तय हो चुकी है। सुकमा में बीते माह नक्सल हादसे मैं 24 जवानों की शहादत के बाद दिल्ली में हुई बैठक में रणनीतियों को अंतिम रुप दिया गया था।

माना जा रहा है कि अब इसी रणनीति के तहत कवायद हो रही है। बस्तर अंचल में माओवादी गतिविधियों पर शिकंजा कसने सुरक्षाबलों को विशेष तौर पर दिशा निर्देश दिए गए हैं। वही छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर लगातार फेल्योर साबित हुए खुफिया तंत्र को सक्रिय करने कड़े निर्देश भी दिए गए हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार अब इंटेलिजेंस की मजबूती के साथ माओवादी गतिविधियों की टोह लेने योजना के तहत आगे बढ़ रही है। पूर्व में भी बस्तर के बीहड़ों में सुरक्षाबलों की मदद के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया था।

इसकी अभी भी मदद ली जा रही है इसके अलावा अत्याधुनिक एमआई.17 विमान के जरिए भी मदद ली जा रही है। पूर्व में वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर नक्सली फायरिंग हो चुकी है। हालांकि नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए थे इसके बावजूद वायु सेना की ओर से पूरी एहतियात बरती जा रही है। इससे पहले बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र में जंगलवार ट्रेनिंग देने के लिए सेना के जवानों को भेजा गया था उस दौरान भी माओवादियों ने विरोध किया था।

हालांकि सेना के अफसरों ने स्पष्ट कर दिया था की बस्तर में सेना के जवानों की मौजूदगी केवल युद्धाभ्यास के लिए है। इसके बावजूद माओवादियों की ओर से सेना के जवानों को खरोच भी आई तो सेना माओवादियों का सफाया कर देगी। सेना की इस चेतावनी के बाद माओवादियों ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। इस बार वायु सेना की मौजूदगी ने बस्तर में नक्सलियों के बीच हलचल मचाई है।