छ.ग. में बिछेगा सड़कों का जाल


रायपुर: छत्तीसगढ़ में चुनावी मिशन से पहले रमन सरकार ने अधोसंरचना निर्माण पर जोर दिया है। राज्य के मौजूदा बजट में ही अधोसंरचना विकास पर फोकस करते हुए बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में पीएम ग्राम सड़क एवं सीएम ग्राम सड़क समेत राजमार्गों की सड़कों पर काम चल रहा है। चुनावी वर्ष से पहले राज्य के सभी गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़कर सड़कों का जाल बिछाने के सरकार ने दावे किए हैं। इसके लिए बजट के आधार पर निर्माण कार्य भी तेज कर दिया गया है।

नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में निर्माण के लिए अधिक सुरक्षा बलों के साथ तैयारी है। हालांकि राज्य के मैदानी जिलों में अधिक दिक्कत की स्थिति नहीं होगी। राज्य के अंदरूनी क्षेत्रों के ज्यादातर गांव अभी भी सड़क विहीन हैं। सड़कों से नहीं जुड़ पाने की वजह से गांव पूरी तरह से संपर्क से कटे हुए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य इन गांवों में सड़कें बनाकर इन्हें मुख्य सड़कों से जोडऩा है। राज्य सड़क विकास निगम की ओर से 26 ऐसी सड़कें बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे गांवों में संपर्क आसान हो जाएगा।

कंपनी एक्ट के तहत गठित सड़क विकास निगम के कामकाज की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री करेंगे। इसके बाद अफसरों ने भी कामकाज में तेजी लाई है। इधर बस्तर अंचल में सड़कों का निर्माण पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन की ओर से किया जा रहा है। सरकार ने आगामी एक साल में सभी ब्लाक मुख्यालयों को ट-लेन सड़कों से जोडऩे की योजना तय की है।

पांच सौ से कम आबादी वाले गांवों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग समेत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रोड का निर्माण हो रहा है। राज्य सरकार ने चुनाव में अधोसंरचना एवं बुनियादी जरूरत माने जाने वाले सड़क निर्माण का मुद्दा भुनाकर जनादेश टटोलने की तैयारियों में नजर आ रही है।