सीएम ने की समीक्षा, किसानों को राहत देने की तैयारी


रायपुर छत्तीसगढ़ में कम वर्षा से सूखे अी आशंकाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में सरकार अब संबंधित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने की तैयारियों में जुट गई है। मानसून इस साल भी छत्तीसगढ़ से रूठा रहा। अपेक्षाकृत कम बारिश के बाद कई जिलों में सूखे के हालत बन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बीते साल बेहतर बारिश के बावजूद किसानों की आत्महत्या के मामले में सरकार घिरी हुई है।

कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या के मामले में विपक्ष ने सरकार की घेरेबंदी कर सवाल दागे हैं। सूत्रों के मुताबिक अब कम वर्षा वाले जिलों में किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से कवायदें तेज हो गई है। राज्य के 14 जिलों में अल्प बारिश की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मुख्यमंत्री रमन सिंह के निर्देश पर राज्य शासन ने बारिश से प्रभावित जिलों में फसलों का आंकलन शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्दी ही शासन स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वहीं राजस्व समेत आपदा प्रबंधन विभाग की अनुशंसाओं के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल सरकार ने आशंकाओं के आधार पर सर्वे शुरू करा दियाहै। इनमें 14 जिलों की 70 तहसीलों में सूखे की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्ट आने के बाद रमन मंत्रिपरिषद की बैठक में राहत देने का भी ऐलान हो सकता है। राज्य शासन के आंकलन और विभागीय आंकड़ों के मुताबिक ही राज्य के 6 तहसीलों में 50 फीसदी से कम बारिश हुई है।

वही राज्य के 10 तहसीलों में 50 फीसदी से अधिक बारिश तय की गई है। कम बारिश की वजह से भी कई जिलों में कृषि कार्य पिछड़ गया है। वहीं किसानों की चिंता बढऩे के बाद सरकार ने सक्रियता बढ़ाई है। हालांकि सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का भंडारण पहले ही कर दिया गया है। इसके बावजूद अब कार्ययोजना बनाकर किसानों को राहत देने की कोशिशें होगी। हालांकि राज्य के 61 तहसीलों में 100 फीसदी से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

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