स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता


रायपुर : कोयला उत्खनन के बाद रिक्त खदानों के पानी का उपयोग पेयजल और निस्तारी सुविधा के लिए किया जाएगा। इसके लिए 16 करोड़ रूपए की कार्य योजना बनाई गई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री रमन सिंह की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय कोरबा में आयोजित लोक सुराज अभियान की समीक्षा बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कार्य योजना में 10 गांवों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस कार्य योजना पर अमल के लिए केन्द्र सरकार के उपक्रम दक्षिण पूर्व कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड (एसईसीएल) और राज्य सरकार के बीच एमओयू की तैयारी जल्द करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रदेश के नगरीय प्रशासन, वाणिज्य और उद्योग मंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी श्री अमर अग्रवाल, लोकसभा सांसद डॉ. बंशीलाल महतो, संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव विवेक ढांड और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के अन्तर्गत मार्च 2018 तक कोरबा जिले के सभी मजरा, टोला, पारा का विद्युतीकरण कर दिया जायेगा। समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर पी. दयानंद ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत जिले के दो ब्लाक कटघोरा एवं करतला ओडीएफ घोषित हो चुके हैं।

विकासखंड पाली जून 2017 तक एवं पोड़ीउपरोड़ा दो अक्टूबर 2017 तक खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जायेगा। विकासखंड कोरबा को ओडीएफ घोषित करने की तैयारियां अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत पाली एवं नगर पालिका परिषद दीपका ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। इसी तरह नगर निगम कोरबा शीघ्र ही ओडीएफ घोषित किया जायेगा। सौर सुजला योजनान्तर्गत जिले में 250 के लक्ष्य के विरूद्ध 200 सोलर पंप स्थापित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है। इस दिशा में सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. रमन सिंह ने जिले में स्थापित होने जा रहे 24 सौ सीटर एजुकेशन हब की तारीफ करते हुए कहा कि इससे पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं समाज के अन्य वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा एवं उन्हें आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डॉ. रमनसिंह ने पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जनजाति सहित समाज के अन्य युवाओं को कौशल विकास योजना के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गये प्रयासों के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में अब तक पांच हजार प्रशिक्षाणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया एवं 176 प्रशिक्षाणार्थियों को रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा गया है। जिले में 90 विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा को ड्राइव्हर कम मैकेनिक में 83 पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पण्डो जनजाति के युवाओं को सुरक्षा गार्ड में प्रशिक्षित किया गया है। जिन्हे स्थानीय औद्योगिक संस्थानों में नियोजित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जरूरतमंदों को इस योजना का लाभ शीघ्र दिलाने की दिशा में कार्यवाही करें।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में 12 हजार 501 लक्ष्य के विरूद्ध 11814 आवास स्वीकृत किए गये हैं। प्रधान मंत्री उज्जवला योजना के अन्तर्गत बीते वित्तीय वर्ष में जिले में 40 हजार बीपीएल महिलाओं को लाभ दिया गया है। इस वर्ष 86 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच गैस कनेक्शन वितरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि लोक सुराज अभियान के दौरान जिले में आयोजित समाधान शिविरों में जनप्रतिनिधियों के बीच गैस कनेक्शन वितरण की कार्यवाही की जा रही है।

– आशीष शर्मा

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