आईएएस की कमी से जूझ रहा छ.ग.


रायपुर: छत्तीसगढ़ में आईएएस अफसरों की कमी के चलते राज्य सरकार ने अब कड़ा रूख अपना लिया है। वहीं केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अफसरों को झटका देना भी शुरू कर दिया है।  राज्य में आईएएस की कमी के चलते अन्य संवर्गों के अफसरों को प्रशासनिक कार्यों में झोंका गया है। इधर राज्य कैडर के आईएएस अधिकारी प्रदेश में काम करने के इच्छुक भी नजर नहीं आते यही वजह है कि राज्य सरकार को लगातार आवेदन भी मिल रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो वरिष्ठ आईएएस अफसर रिचा शर्मा एवं शहला निगार के अलावा विकासशील की प्रतिनियुक्ति के आवेदन को राज्य सरकार ने नामंजूर कर दिया है। हालांकि आईएएस विकासशील की पत्नी आईएएस निधि छिब्बर पहले ही केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा चुकी हैं। ऐसी स्थिति में अब साल भर तक विकासशील को मंजूरी मिलने की संभावना नहीं है।

इधर आईएएस रिचा शर्मा लंबे समय तक दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहने के बाद लौटी थी। कुछ ही साल में फिर उन्होंने दिल्ली जाने आवेदन कर दिया है। छत्तीसगढ़ में बड़ी तादाद में आईएएस अफसर केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए लेकिन वापस लौटने में दिलचस्पी नहीं ली।

अभी भी केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ कई आईएएस अफसरों ने अपनी अवधि को लगातार बढ़ाया हुआ है।
आईएएस के अलावा आईपीएस और आईएफएस अफसरों का भी यही हाल है। राज्य में प्रशासनिक कामकाज में आ रही रूकावट एवं धीमी गति के चलते भी राज्य सरकार ने कड़ा रूख अपनाया हुआ है।

राज्य में अफसरों की कमी के चलते ही बड़ी तादाद में अफसर संविदा पर वर्षों से काम कर रहे हैं। राज्य सरकार इन्हें हटाने की स्थिति में भी नहीं है। आगामी वर्ष छत्तीसगढ़ के लिए चुनावी वर्ष होगा ऐसी स्थिति में सरकार का जोर कामकाज में गति पर होगा। यही वजह है कि अफसरों के आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। इधर कुछ अन्य अफसरों को दिल्ली से वापस मूल कैडर में लौटाने की कवायदें हो रही है।

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