वित्तीय अनुशासन में छग फिर पहले स्थान पर


रायपुर छत्तीसगढ़ में वित्तीय अनुशासन के मामले में छत्तीसगढ़ को फिर बेहतर माना गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ का वित्तीय प्रबंधन साल 2017 के लिए बेहतर है। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बताया कि सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में आम जनता की बेहतरी के लिए अपने बजट की राशि खर्च करने में छत्तीसगढ़ ने सबसे अच्छा काम किया है।

सामाजिक क्षेत्र के बजट में जीडीपी के अनुपात में प्रावधान के मामले में अन्य सभी राज्यों का औसत 7.9 फीसदी है। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने सबसे अधिक 15.8 फीसदी का प्रावधान किया है। राज्य का ऋण भार भी जीडीपी का 14.6 प्रतिशत है। जो सभी राज्यों के औसत 23.6 फीसदी से काफी कम है। वहीं इसे सबसे न्यूनतम भी माना जा रहा है। इधर कर्ज के ब्याज भुगतान पर भी 0.6 प्रतिशत व्यय दर्ज किया गया है।

इसके अलावा राजस्व व्यय का 4.6 फीसदी खर्च भी दर्ज किया गया है। जबकि अन्य सभी राज्यों का औसत इस मामले में 11 फीसदही पार कर गया है। सरकार का दावा है कि वित्तीय प्रबंधन की वजह से ही सरकार पर ऋण भार के साथ व्यय भार भी काफी कम हो गया है।

दावा किया जा रहा है कि जीडीपी के अनुपात में राज्य सरकार ने विकास मूलक कार्यों के लिए 22 फीसदी से अधिक राशि का प्रावधान कर गैर विशेष श्रेणी के राज्यों में भी अव्वल स्थान पा लिया है। छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है। जिनकी ऋण सीमा भी जीडीपी के तीन फीसदी की सामान्य सीमा के स्थान पर 3.5 फीसदी निर्धारित हो सकती है। राज्य ने इससे पहले भी वित्तीय प्रबंधन के मामले में आकड़ों में बेहतिर स्थान पाया था।