जोगी का जाति विवाद : कोर्ट में रखेंगे रिपोर्ट


रायपुर: छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति का मामला विवादों में फंसा हुआ है। वहीं इस मामले में राजनीतिक उठापटक भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को सरकार के ईशारे से राजनीतिक प्रेरित करार दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक वे जल्दी ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी जोगी के आरोपों को खारिज करते हुए कह दिया कि जोगी की जाति पर हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट से सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि अब यह शंका या समाधान का विषय ही नहीं है। हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में जोगी की जाति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही हाईपावर कमेटी गठित की गई थी।

वहीं कोर्ट के आदेश के करीब 6 साल बाद ही कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें जोगी को गैर आदिवासी करार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कमेटी की रिपोर्ट को पेश करेगी।

इधर कांग्रेस ने एक्ट का हवाला देकर साफ कर दिया कि आदिवासियों का हक छीनने के मामले में जंग लगातार जारी रहेगी। कांग्रेस के आदिवासी नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर एक्ट के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं मुख्यमंत्री के समक्ष दावे किए हैं कि इस मामले में हाईपावर कमेटी का फैसला आने के बाद स्वत: ही जोगी का जाति प्रमाण पर निरस्त हो जाता है।

इसके बावजूद अब तक प्रमाण पत्र निरस्त कर जब्त करने के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह एक तरह से आधी-अधूरी कार्रवाई है। कांग्रेस ने यह भी मांग उठा दी कि बतौर आदिवासी अब तक उठाए गए आर्थिक फायदे की वसूली होनी चाहिए। मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल ने इस मामले में ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इसके बावजूद अब सरकार के अगले कदम पर नजरें टिकी हुई हैं।