भू-अभिलेख दस्तावेज होंगे आनलाइन


धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आगामी एक अगस्त से भू-अभिलेख के सभी दस्तावेज ऑनलाईन किए जाएंगे। खसरा, बी-1, बी-2 की प्रति, डिजिटल सिग्नेचर के जरिए लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेशन तथा डिजिटल सिग्नेचर संबंधी जिला स्तरीय कार्यशाला आज कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना की अध्यक्षता में रखी गई। कार्यशाला में बताया गया कि भू-अभिलेख संबंधी दस्तावेज सत्यापन का कार्य आगामी 30 सितंबर तक पूरा किया जाना है।

अब पटवारी द्वारा मैनुअल रिकॉर्ड देना बंद किया जाएगा। इसकी जगह पर लोगों को दस्तावेजों की ऑनलाइन सत्यापित प्रति मिलेगी। बताया गया कि आई.टी. एक्ट 2000 के तहत ऑनलाइन डिजिटली हस्ताक्षरित दस्तावेजों की प्रति को मान्य किया गया है। अब भू-नक्शा सॉफ्टवेयर को भी ऑनलाइन किया जा रहा है। गांव-शहर के प्लॉट के सम्मिलियन और बटांकन की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण कार्यशाला में दिया गया।

भुईंया के तहत ऑनलाइन खसरा जोडऩा, विलुप्त खसरों की प्रविष्टि, सुधार, नामांतरण प्रक्रिया, धारणाधिकार, भू-स्वामित्व के प्रकारों की जानकारी कार्यशाला में दी गई। अब ऑनलाइन के माध्यम से भूमि संबंधी दस्तावेजों की डिजिटली हस्ताक्षरित प्रति मांग सकते हैं। भुईंया, भू-नक्शा का सॉफ्टवेयर ऑनलाइन होने से अब नागरिकों को सात दिनों में डिजिटल दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

यही नहीं भू-स्वामित्व की सभी जानकारी पब्लिक डोमेन पर उपलब्ध रहेगी तथा जमीन संबंधी लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी। पटवारियों को भी किसी भी स्थान से कार्य करने में सुविधा होगी। एकल खिड़की प्रणाली की वजह से अब भू-अभिलेख, ग्राम एवं नगर निवेश विभाग तथा बैंकों को भूमि संबंधी दस्तावेजों को देखने में काफी सहूलियत होगी। ज्ञात हो कि धमतरी जिले के सभी पटवारियों का डिजिटल सिग्नेचर बना लिया गया है।

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