नक्सलियों का नया कारिडोर नहीं बनेगा


रायपुर: छत्तीसगढ़ में बस्तर के अलावा मैदानी जिलों के कुछ वनांचल क्षेत्रों में नक्सलियों की मौजूदगी ने सरकार की नींद उड़ाई है। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में नक्सलियों के नए कारिडोर बनने की आशंकाओं के मद्देनजर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में संज्ञान लिया है। वहीं दावा किया गया है कि इन क्षेत्रों में नक्सलियों का नया कारिडोर नहीं बनने दिया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार ने साफ कर दिया कि इस मामले में सरकार की पूरी तैयारी है।

राज्य के राजनांदगांव जिले के सरहदी इलाकों में नक्सलियों की मौजूदगी होती रही है। वहीं इस क्षेत्र में कई बड़ी वारदातों को भी माओवादियों ने अंजाम दे दिया है। राजनांदगांव जिले की सीमा महाराष्ट्र से सटे इलाकों में नक्सलियों ने अपना कारिडोर बनाने के लिए कवायदें की है।

जिले की सीमा में वारदात के बाद महाराष्ट्र के इलाकों में नक्सली छिपते रहे हैं। माना जा रहा है कि यहां नए सिरे से अब फोर्स की तैनाती की जाएगी। जिले के सरहदी इलाकों में कई बड़ी वारदातों के बाद चिंता बढ़ी है। इस क्षेत्र के मदनवाड़ा ईलाके में एक एसपी की भी हत्या हो चुकी है। राज्य में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क पर पहले ही अंकुश लगाने की कोशिशें शुरू हुई है।

वहीं अब शहरी नेटवर्क की धरपकड़ के बाद से ही सरकार ने इस क्षेत्र को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भी जानकारी दी है। बस्तर अंचल के कई इलाकों में रेड कारिडोर बनाने के बाद नक्सली लगातार वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। नक्सलियों की ओर से महाराष्ट्र की सीमा में उत्पात मचाने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी आम हैं। राजनांदगांव जिले में नक्सलियों की मौजूदगी के बाद वनांचल क्षेत्रों में भी दहशत पसरा हुआ है।