पीढिय़ों के निर्माण से बड़ी कोई योजना नहीं: रमन


रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि पीढिय़ों के निर्माण से बड़ी कोई योजना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा- राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा के विभिन्न बड़े प्रकल्पों के जरिए नई पीढ़ी के निर्माण में लगी हुई है। दंतेवाड़ा और सुकमा में एजुकेशन सिटी का निर्माण, प्रदेश के सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में प्रयास आवासीय विद्यालयों का संचालन भी नई पीढ़ी के भविष्य को संवारने के लिए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर लोगों को याद दिलाया कि अब से केवल पांच दिन बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व बेला में उनकी सरकार के पांच हजार दिन पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने इसका श्रेय आम जनता को दियाअ और कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन से हीे हम सबको प्रदेश की सेवा का सौभाग्य मिला है।

मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों के लोगों को कम्बल, रेडियो और छाता वितरित किए। वहीं उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय भूमिका निभाने वाले आदिवासी समाज के प्रतिभावान खिलाडिय़ों, समाज सेवियों और छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने अपने उदबोधन में छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीरनारायण सिंह, गेंदसिंह और गुण्डाधूर जैसे महान शहीदों को  याद किया।

उन्होंने रानी दुर्गावती का भी स्मरण किया और इन महान शहीदों के चित्रों का लोकार्पण भी किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा- सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहूति देने वाले सोनाखान के अमर शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में एक बड़ा संग्राहलय बनाने का निर्णय लिया गया है।

डॉ. सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल, संचार सुविधा सहित हर प्रकार की अधोसंरचना का विकास और निर्माण किया जा रहा है। लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र वाले छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 33 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजातियों की है, जिनका सामाजिक-आर्थिक विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा- तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जनता के सहयोग से विकास की बुनियाद वर्ष 2003 में रखी गयी। वर्ष 2003 से 2017 तक राज्य ने तरक्की की राह पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। डॉ. सिंह ने बस्तर और सरगुजा में शिक्षा की अलख जगाने का काम सफलतापूर्वक चल रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान वहां की एजुकेशन सिटी को पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मॉडल बताकर इस परियोजना की  तारीफ की थी।  डॉ. सिंह ने कहा- प्रधानमंत्री की योजनाओं से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को एक नई ऊर्जा मिली है।

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