वनभूमि पर रिसार्ट मामला गहराया


रायपुर: छत्तीसगढ़ में वनभूमि पर रिसोर्ट बनाने के बाद मुश्किलों में घिरे जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल घिरते नजर आ रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस की नेत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता किरणमयी नायक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं।  वहीं खुद बृजमोहन भी सुप्रीम कोर्ट की शरण ले चुके हैं। ऐसे में मामला न्यायालीयीन पेचीदगियों में उलझ सकता है।

इधर रिसॉर्ट के मामले में सियासी भंवर में मंत्री नजऱ आ रहे हैं। मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह ने साफ कर दिया कि इस मामले में पूरी रिपोर्ट के साथ विवरण सीधे पार्टी हाईकमान को दे दिया गया है। ऐसी स्थिति में वरिष्ठ मंत्री अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं। मंत्री पर इस्तीफे का दबाव भी बढ़ गया है। बृजमोहन हाल ही में अपने खिलाफ चुनाव याचिका में हाईकोर्ट से उबरे हैं। अभी चुनाव आयोग से फैसला आना बाकी है।

इधर वन भूमि पर रिसोर्ट के विवादों को लेकर भी राज्य की राजनीति में खलबली मची हुई है। मंत्री के विरोधियों समेत विपक्ष ने भी घेरेबंदी तेज कर दी है। सूत्र दावा करते हैं कि इस मामले में पीएमओ तक पहले ही शिकायत हुई थी। पीएमओ के निर्देश पर राज्य के मुख्य सचिव ने जांच समिति गठित की है। इस समिति की रिपोर्ट पीएमओ तक भेज दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुद सीएस ने जांच कराया है। यह रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है। राज्य में सियासी पारा उफान पर आने के बाद मंत्री की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

हालांकि मंत्री ने दावा किया है कि उन्होंने नियमों के तहत ही काम किया है। इधर विपक्ष का आरोप है कि मंत्री वन अधिनियम का भी उल्लंघन किया है। वहीं बीते चुनाव में नामांकन के दौरान अपने शपथ पत्र में भी इसका कोई जिक्र नहीं किया था। हालांकि मंत्री इससे इंकार कर चुके हैं।

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