जांच रिपोर्ट पहुंची पीएमओ के पास


रायपुर: वन विभाग की जमीन पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी के नाम पर रिसॉर्ट बनाने के मामले में मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय को अब तक पूरी जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का विवरण भेजा गया है। पूरी जांच रिपोर्ट 11 पेज की है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए थे और तत्काल रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तत्काल सीएस ने पूरी फाइल मंगाई थी और पूरी रिपोर्ट तैयार करके पीएमओ ओर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पास भेज दिया है। 11 पेज की रिपोर्ट के अलावा इस मामले में विभागों से किए गए पत्राचार और कलैक्टर-कमिश्नर की तरफ से भेजे गए निर्देश की कॉपी भी अलग से उपलब्ध कराई गई है।

ज्ञात हो कि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी के नाम पर सिरपुर में करीब 4 हैक्टेयर फारेस्ट की जमीन खरीदी गई थी जिसमें अलीशान रिसोर्ट बनाया जा रहा था। आरोप है कि जमीन झलकी गांव के पांच किसानों ने इरीगेशन विभाग को दान में दी थी। जो बाद में फारेस्ट के अंडर में चला गया था। इसी बीच 4.12 हैक्टेयर जमीन को बृजमोहन अग्रवाल ने खरीद लिया और वहां शानदार रिसोर्ट बनवा लिया। इस मामले की रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह ने तत्काल चीफ सैक्रेटरी विवेक ढांड से इसकी रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही इरीगेशन विभाग को भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। इधर मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल अमल करते हुए चीफ सैक्रेटरी ने अपनी रिपोर्ट पीएमओ और मुख्यमंत्री रमन सिंह के पास भेज दी है।

वहीं कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर लगे आरोप पर उन्होंने कहा था कि जो जमीन खरीदी है, वह सभी नियमों में रहकर खरीदी है। इन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वह दुनियां की किसी भी जांच एजैंसी से जांच करने को तैयार हैं, यदि जांच में गलत साबित हुआ तो जमीन शासन को सुपुर्द कर दूंगा। साथ ही इस मामले पर पूर्व महापौर किरणमई नायक ईओडब्ल्यू और एसीबी के चीफ मुकेश गुप्ता से मिलने पहुंची थी। उन्होंने फारेस्ट लैंड डायवर्जन मामले में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के परिवार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।