दिल्ली में सीवर की सफाई करने उतरे 3 सफाईकर्मियों की हुई मौत


राजधानी दिल्ली के घिटोरनी में सीवर की सफाई के दौरान मौत की घटना को अभी माह भर भी नहीं हुआ कि दूसरी घटना ने दस्तक दे दी। दिल्ली के लाजपत नगर में संडे को सीवर की सफाई के दौरान दम घुटने के कारण 3 सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई। बता दे कि यह तीनों बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर लाइन साफ करने उतरे थे वहीं दूसरी तरफ दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने किसी भी कमर्चारी को सीवर लाइन साफ करने के लिए नहीं कहा था इसे मामले में एक जांच बैठा दी गई जो कि यह पता लगाएगी क्यों ये कर्मचारी एक ऐसे सीवर को साफ करने उतरे जो गंदगी से पूरी तरह भरा हुआ था।

आपको बता दे कि पुलिस के अनुसार यह घटना दोपहर लगभग 1 बजे हुई। दो पीड़ितों की पहचान जोगिंदर (32) और अन्नू (28) के रूप में की गई। वही तीसरे पीड़ित की तत्काल पहचान नहीं हो सकी।

बता दे कि लाजपत नगर के जल विहार इलाके में कबीर राम मंदिर के पास यह घटना घटी। वहीये लोग डीजीबी लाइन पर करीब आधे घंटे से काम कर रहे थे। इनमें से जोगिंदर पिट में दाखिल हुआ और बाकी उसे दिशा-निर्देश दे रहे थे लेकिन कुछ समय के बाद उसने कोई जवाब देना बंद कर दिया। मेनहॉल में उतरने के करीब एक मिनट के बाद ही जोगिंदर ने जवाब देना बंद कर दिया था।

10 फीट गहरे गड्डे से जब जोगिंदर ने कोई जवाब नहीं दिया तो दूसरा कर्मचारी भी उसकी मदद के लिए नीचे उतरा लेकिन थोड़े समय के बाद उसने भी कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया तीसरे कर्मचारी ने ने नीचे उतरते वक्त पैर स्लिप हो गया और वह नीचे गिर गया। चौथा कर्मचारी जो कि रस्सी लेने चला गया वह भी मेनहॉल में उतरा और थोड़ी देर बाद ही मदद के लिए चिल्लाने लगा। फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कि इन लोगों ने कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे। तीनों की बॉडी को करीब 2 बजे निकाल लिया गया. पुलिस टीम द्वारा बाद में पिट को कवर कर दिया गया।

दिल्ली के जल मंत्री राजेंद्र गौतम ने इस घटना के बाद ट्वीट कर संवेदना जताई। उन्होंने लिखा, “लाजपत नगर इलाके में सीवर की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत की खबर से बेहद दुखी हूं। मैंने घटना के बारे में जांच बिठा दी है।

वहीं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “मैं एलजी को मामले की जांच और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे के लिए अनुरोध करता हूं।”

एक डीजेबी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने लाइन की सफाई के लिए कोई अनुबंध जारी नहीं किया है और न ही वहां आस-पास कोई ठेकेदार काम कर रहा था. हम जांच कर रहे हैं कि कैसे बिना परमिशन के इन लोगों न पिट में प्रवेश किया? “