अमर कॉलोनी: महिला की हत्या, लूट में कुक समेत दो अरेस्ट


दक्षिणी दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने अमर कॉलोनी में हुई महिला की हत्या व लूटपाट की वारदात को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। वारदात में घर में काम करने वाले कुक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से करीब 20 लाख रुपए के सोने व हीरे के आभूषण और तीन लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। डीसीपी रोमिया बानिया के अनुसार अमर कॉलोनी के नेशनल पार्क, लाजपत नगर में हुई महिला सरिता (53) की हत्या मामले में पुलिस ने रोशन उर्फ बलराम और शेष नारायण रावत उर्फ करण को नोएडा के अट्टा गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूटे हुए आभूषण और नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस वारदात में लिप्त रहे बेनी प्रसाद यादव, अरविंद और सोनू की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इनमें बेनी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रह चुका है।

डीसीपी के मुताबिक, वारदात को सुलझाने के लिए विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष, स्पेशल स्टॉफ और एएटीएस की टीम को लगाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि वारदात में लिप्त रोशन को करीब एक माह पूर्व ही घर पर खाना बनाने के लिए काम पर रखा गया था, लेकिन उसका सत्यापन नहीं कराया गया था। आरोपी का कोई फोन नंबर, पता या सुराग न होना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद लेकर करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की। इसके बाद रोशन और शेष नारायण के नोएडा में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में रोशन ने पुलिस को बताया कि वह पहले नोएडा के अट्टा में मोमोज भी बेचा करता था, लेकिन उसका सपना मौजमस्ती का लाइफ जीना था। इसके लिए वह अपराध की दुनिया में चला गया। सरिता देवी के घर उसे खाना बनाने का मौका मिला तो उसने मना नहीं किा और पहले ही दिन से वारदात को अंजाम देने के लिए उसने षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया।

11 जुलाई की सुबह शेष नारायण और अरविंद मोटरसाइकिल से, जबकि सोनू और बेनी प्रसाद ऑटो से नेशनल पार्क पहुंचे। इनसे रोशन मोबाइल पर लगातार संपर्क बनाए हुआ था। उसके इशारे पर सुबह 11 बजकर दस मिनट पर आरोपियों ने दूसरी मंजिल स्थित फ्लैट पर घर पर मौजूद पुराने नौकर राजन से मारपीट कर प्रवेश कर लिया। उसके बाद महिला सरिता देवी को भी काबू कर लिया और महिला की हत्या कर घर से आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। इस बीच राजन को टेप से बंधक बना दिया। इसके बाद सभी आरोपी लूट की रकम का बंटवारा करने के लिए बसईदारापुर पहुंचे। वहां से आभूषण और नकदी लेकर रोशन और शेष नारायण नोएडा चले गए, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।