डीसीडब्ल्यू ने लड़कियों के हॉस्टल के लिए मांगा ग्रांट


नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय में दिल्ली से बाहर की भी अनेकों लड़कियां पढ़ती हैं। लेकिन कॉलेजों में लड़कियों के लिए हॉस्टल की कमी की वजह से उन्हें बाहर रहना पड़ रहा है। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) का कहना है कि यूजीसी में कॉलेजों की ग्रांट पेंडिंग पड़ी है। लेकिन यूजीसी में फुल टाइम चेयरमैन न होने की वजह से कॉलेजों को यह ग्रांट नहीं मिल पा रहा है। इसे लेेकर डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर जल्द से जल्द फुल टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मांग की है। डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति जयहिंद का कहना है कि कॉलेज से जुड़े इन मामलों को लेकर वे इस वर्ष फरवरी महीने से यूजीसी को पत्र लिख रही हैं। लेकिन अभी तक यूजीसी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

इन मामलों को लेकर बुधवार को जब वे यूजीसी के कार्यकारी चेयरमैन वीसी चौहान से मिलने गई तो चेयरमैन ने इन मुद्दों की जानकारी होने से इंकार कर दिया। यही नहीं उन्होंने समय आभाव का हवाला देते हुए इन पर चर्चा करने में आनाकानी की। इस पर डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिख कर अपील की है कि पांच कॉलेजों हिन्दू, दौलत राम, श्यामा प्रशाद मुखर्जी, शिवाजी और देशबंधु कॉलेज के यूजीसी में लंबित प्रस्तावों को जल्द से जल्द पास करवाएं। साथ ही जल्द से जल्द यूजीसी का फुल टाइम चेयरपर्सन नियुक्तकिया जाये ताकि छात्र-छात्राओं से सम्बंधित लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटारा हो सके।