डीडीए चला बिल्डरों की राह पर


पश्चिमी दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अब आम नागरिकों का टेस्ट समझ चुका है। संभवत: यही कारण है कि डीडीए भी अब बिल्डरों की राह पर चल पड़ा है। इस बार डीडीए अपनी हाउसिंग स्कीम में लोगों के मनमुताबिक फ्लैट लेकर आया है। यही नहीं, डीडीए खुद आवेदन करने से पहले लोगों को फ्लैट दिखा रहा है। साथ फ्लैटों के गुणवत्ता को लेकर लोगों को पूरी तरह से संतुष्ट करने में लग गया है। इस हाउसिंग स्कीम में रुचि रखने वाले लोगों के लिए डीडीए एक विशेष सुविधा लेकर आया है।

इस सुविधा में जिस इलाके के फ्लैट के लिए लोग आवेदन करना चाहते हैं, उसे न सिर्फ अच्छी तरह से देख सकते हैं बल्कि संबंधित अभियंता से संपर्क कर पूरी जानकारी ले सकते हैं। डीडीए ने इस बाबत स्कीम में शामिल सभी 12 हजार फ्लैंटों की सूची अपनी वेबसाइट पर डाल दी है। डीडीए का कहना है कि इस सूची में एचआईजी फ्लैट से लेकर जनता फ्लैट तक की पूरी जानकारी है। साथ ही डीडीए ने अलग-अलग इलाके में स्थित फ्लैटों के अभियंताओं का फोन नंबर आदि भी वेबसाइट अपलोड किया है।

डीडीए के अनुसार आवासीय योजना में में आवेदन करने वाले लोगों को शिकायत रहती थी कि वे जिस इलाके के फ्लैट के लिए आवेदन कर रहे हैं, वहां के फ्लैटों की कोई जानकारी नहीं दी जाती है और न ही उसे दिखाया जाता है। डीडीए इस शिकायत को दूर करने के लिए इस बार आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही उपरोक्त सुविधा लेकर आया है ताकि लोग आवेदन करने से पूर्व ही फ्लैट किस स्थिति में है और उसमें क्या सुविधाएं हैं, इसकी जानकारी ले सकते हैं और फ्लैट देखकर आवेदन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, संबंधित अभियंताओं से फ्लैट के बारे में तथा मूलभूत सुविधाओं के बारे में पता कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है आवासीय योजना-2014 में डीडीए ने 25 हजार फ्लैटों का ड्रा निकाला था, उसमें सबसे ज्यादा संख्या जनता व एलआईजी फ्लैटों की थी लेकिन ड्रा के बाद लगभग 11 हजार आवंटियों ने फ्लैटों में सुविधाएं न होने तथा जगह कम होने की बात कह कर फ्लैट वापस कर दिए थे। इस बार ऐसी कोई बात न हो इसलिए डीडीए आवेदकों को पहले से ही पूरी तरह संतुष्ट करने में लगा है। डीडीए को उम्मीद है कि इस नई सुविधा से लोग पूरी तरह से संतुष्ट होंगे क्योंकि फ्लैटोंं में काफी बदलाव किया गया है। दूसरी ओर डीडीए के इन दावों के बावजूद अभी भी हाउसिंग स्कीम 2014 के आवंटी डीडीए पर सुविधाविहिन फ्लैट देने का आरोप लगा रहे हैं।

– जे.के.पुष्कर