मेहनत करने वाले अधिकारियों से मोदी खुश


Prime Minister Narendra Modi

नई दिल्ली: देशभर में जीएसटी लागू करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए पीएम मोदी अफसरों से भी खुश हैं। चर्चा आम है कि इस महत्वपूर्ण कर सुधार के लिए कुछ ऐसे लोगों का भी बहुत योगदान रहा जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर दिन रात एक करके एक नई प्रणाली को साकार रूप दिया। बताया जाता है कि अगस्त 2016 में संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद से अधिकारियों की 175 बैठकें हुई। करीब 18 हजार से ज्यादा घंटे चर्चा पर खर्च हुए। लगभग 30 उपसमूह और समितियों ने 1200 वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरें तय करने के लिए दिनरात माथापच्ची की बताया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुड बुक में राजस्व सचिव हंसमुख अढ़िया व सीबीईसी चेयरपर्सन वी. सरना आ गए हैं। कहा जा रहा है कि इन दोनों ने भी विशेष भूमिका निभायी। बताया जाता है कि पीएम की गुड बुक में जीएसटी आयुक्त उपेन्द्र गुप्ता, राजस्व विभाग में सलाहकार पीके मोहंती, संयुक्त सचिव आलोक शुक्ला मुख्य आयुक्त सीबीईसीपी के जैन, मनीष सिन्हा और कई अन्य केन्द्रीय अधिकारी भी आ गए हैं जिन्होंने नए इतिहास को रचने में सरकार की मदद की। इसमें दो राए नहीं कि परदे के पीछे रहकर जिन अफसरों ने राजग सरकार के हर दाव पेच के अनुकूल बिसात बिछायी वे सब जहां मोदी सरकार की रणनीति के भी समर्थन में खुलकर आए जिससे विपक्ष को भी जीएसटी पर सरकार के सामने झटका झेलना पड़ रहा है। नई कर प्रणाली में दिक्कतों से बचने के भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली में भी व्यापारी वर्ग बंटने लगा है। प्रारंभ में दिल्ली के बाजारों में भारी विरोध हुआ।

इतना ही नहीं भाजपा के कट्टर समर्थन कुछ व्यापारी नेता भी खुलकर आशंकाए जताने लगे थे जबकि अब माहौल बदला है। सरकार के रुख को भांपकर उद्योगपतियों के अलावा कई कारोबारियों ने कहना शुरू कर दिया है कि उनके जिन उत्पादों की श्रेणी में कर की दरें घटायी गयी हैं उसका फायदा ग्राहकों को दिया जाएगा। कारोबारी नेताओं सर्वश्री चमन लाल मारवाह, देवराज बावेजा, रमेश बजाज व हरीश असड़ी का कहना है कि जीएसटी को लागू करना एक महत्वपूर्ण कदम हैं जिसका न केवल अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा बल्कि और ऐतिहासिक वृद्धि की ओर अग्रसर करेगा।

– दिनेश शर्मा