हिंदूराव अस्पताल: मरीजों को खरीदकर पीना पड़ता है पानी


पश्चिमी दिल्ली: नॉर्थ एमसीडी की मेयर ने जहां एक ओर इसी सप्ताह हिंदूराव अस्पताल का औचक दौरा कर सारी सुविधाएं प्रयाप्त होने की बात कही थी। वहीं, अस्पताल की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के आसपास पीने के पानी की प्रर्याप्त सुविधाएं न होने के लिए मरीजों को दवाई लेने के लिए कैंटीन जाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण मरीजों को जो दवाई मुफ्त मिलती है उसी को खाने के लिए पानी की बोतल पर बीस से पच्चीस रुपए खर्च करने पड़ते हैं। जब इस बाबत अस्पताल के एमएस डॉ. अजीत कुमार गोयल से बात की तो वह कोई न कोई बहाना बनाकर पूरे मामले पर चुप्पी साधे रहे। जानकारी के अनुसार हिंदूराव अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में रोजाना सैकड़ों मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। अस्पताल में मरीज गीता कुमारी (काल्पनिक नाम) ने बताया कि उन्हें पेट में तेज दर्द की दिक्कत हुई जिसके बाद वे अस्पताल में आई।

डाक्टर ने चैक करने के बाद पर्चे पर दवाई और इंजेक्शन लिखकर उन्हें आगे भेज दिया। नर्स नेइंजेक्शन लगाकर हाथ में दवाई थमा दी और कहा कैंटीन में पानी मिलेगा वहीं दवाई खा लो। गीता ने बताया कि अस्पताल से दवाई तो मुफ्त मिली लेकिन बंद पड़े वहां वाटर कुलर के कारण उन्हें उसी गोली को खाने के लिए कैंटीन जाना पड़ा है। ऐसा नहीं है कि वहां वाटर कुलर नहीं लगे, लेकिन वे चलते ही नहीं उसमें पानी की सप्लाई न होने के कारण मरीजों को वहां परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं कैंटीन में भी बिना पानी के बोतल खरीदें मरीज दवाई नहीं ले सकते। कैंटीन चालक ने वहां न तो पानी के गिलास रखे हैं और न ही खुला में पीने का पानी। मरीज को अंत में दवाई खाने के लिए पानी की बोतल ही खरीदनी पड़ती है। मरीजों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

– निहारिका साम्भर