आजादपुर मंडी में दिव्यांग का फेंका बूथ


पश्चिमी दिल्ली: आजादपुर मंडी में एक दिव्यांग से उसका जमा जमाया रोजगार छीन लिया गया है। मंडी कमेटी के अधिकारियों की दबंगई के चलते इस दिव्यांग का पूरा परिवार भूखों मरने की कगार पर है। अधिकारियों की बरबरता का शिकार बना दिव्यांग पिछले 19 सालों से इस स्थान पर बूथ चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। लेकिन कुछ समय से मंडी के अंदर असामाजिक तत्वों का बोलबाला है। जिस वजह से कई गरीबों को यहां रोजी-रोटी चलाना दूभर हो गया है। ज्ञात हो दिल्ली सरकार की ओर से दो दशक पूर्व आजादपुर सब्जी में करीब एक दर्जन दिव्यांग लोगों को बूथ अलॉट किए गए थे। माडल टाउन इलाके में अपने परिवार के साथ रहने वाले अशोक कुमार अग्रवाल को भी उस वक्त आजादपुर सब्जी मंडी के अंदर एक बूथ अलॉट किया गया था। वह 65 फीसदी दिव्यांग हैं और बाड़ा हिंदुराव अस्पताल ने उन्हें इस दिव्यांगता का सर्टिफिकेट जारी कर रखा है। पीडि़त के मुताबिक उनकी मजबूरी को देखते हुए उन्हें 1998 में दिल्ली सरकार की ओर से आजादपुर सब्जी मंडी के अंदर एक बूथ अलॉट किया गया था। पहले यह बूथ टेलीफोन कॉलिंग के लिए अलॉट किया गया था। लेकिन बाद में मंडी कमेटी की ओर से इस पर सामान बचने की मौखिक प्रमिशन दे दी गई।

आजादपुर मंडी कमेटी ने 2015 में मंडी के अंदर शेड बनाने की बात कहकर बूथ को कुछ समय के लिए हटवा दिया था। लेकिन शेड का काम पूरा हो जाने के बाद उसी साल 13 जून को बूथ दोबारा लगवा दिया गया। बूथ से होने वाली इंकम से ही पीडि़त का परिवार पल रहा था। पीडि़त का आरोप है कि अचानक कुछ दिनों से मंडी कमेटी के लोग उसे दुश्मन मानने लगे। 22 जुलाई को अधिकारियों के आदेश पर यहां तैनात गार्डस ने उनका बूथ उठाकर बाहर फेंक दिया। पीडि़त ने इस बाबत कई अधिकारियों के यहां बूथ को बहाल कराने की गुहार लगाई, लेकिन सभी ने उनकी फरियाद को अनसुना कर दिया। शुरू में उन पर आरोप लगाया गया कि उनके बूथ का साइज बड़ा है, लेकिन जब उन्होंने साइज को नियमों के अनुसार तैयार कर लिया तो भी अधिकारियों ने उनके बूथ को उठवाकर बाहर फेंक दिया।

पीडि़त ने हार कर इस मामले की लिखित शिकायत दिल्ली सरकार के सीएम, एलजी और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से की है। उधर जब पंजाब केसरी की ओर से इस मामले पर पक्ष जानने के लिए आजादपुर मंडी कमेटी की चेयरपर्सन साक्षी मित्तल से बात की तो उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करवाए जाने की बात कही। उनका कहना कहना था कि मामला एक दिव्यांग से जुड़ा है लिहाजा इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल मंडी की चेयरपर्सन साक्षी मित्तल के आश्वासन के बाद पीडि़त दिव्यांग और उसके परिवार को आशा की किरण नजर आई है।

– कुमार गजेन्द्र

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