नौकरी में मिलेगी वरीयता


नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने कश्मीर से विस्थापित होकर दिल्ली सरकार में काम कर रहे शिक्षिकों को बढ़ी राहत दी है। सरकार ने ऐलान किया है कि कश्मीरी विस्थापित शिक्षकों को सरकार स्थायी नौकरी देगी। फिलहाल अभी सरकार में 170 शिक्षक अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं। जिन्हें सरकार स्थायी करेगी। दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसमें से एक फैसला कश्मीर से विस्थापित होकर दिल्ली सरकार में वर्ष 1994 से अनुबंध आधार पर काम कर रहे शिक्षिकों को सरकार स्थायी नौकरी देगी।

सिसोदिया ने बताया कि सरकार इसके लिए भर्ती के नियमों में भी बदलाव करेगी। इसके साथ ही इनको उम्र में भी रियायत दी जाएगी। और शिक्षक के लिए जरुरी सीटैट परीक्षा पास करना भी इनके लिए अनिवार्य नहीं होगा। बता दें कि दिल्ली सरकार में 1994 से 172 लोग लाइब्रेरियन, पीजीटी, टीजीटी और संगीत के शिक्षक के रुप में काम कर रहे हैं। इनको स्थायी करने के बाद सरकार पर 13 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ सालाना पड़ेगा।