किसानों के मालिकाना हक के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे: केजरीवाल


नई दिल्ली: दिल्ली का किसान ही असली दिल्ली के रहने वाले हैं, लेकिन बाहर से आए लोगों ने इन किसानों का शोषण किया है। आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों को मालिकाना हक दिलाने के लिए आंखिरी सांस तक लड़ेगी। उक्त बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कही। केजरीवाल दिल्ली विधानसभा में दिल्ली के किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने की मांग पर कानून मंत्री कैलाश द्वारा सदन में पेश किए गए प्रस्ताव की चर्चा में बोल रहे थे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले 80 से 90 फीसदी लोग दिल्ली में बाहर से आए हुए है। किसानों के साथ कई दशकों से अन्याय और शोषण हो रहा है।

1970-80 के दशक में जो दलित गरीब समाज के लोगों को बंजर जमीन दी गई थी। इन किसानों ने कड़ी मेहनत से इस जमीन को उपजाऊ बनाया। कई लोगों को मालिकाना हक मिल चुका है। कुछ को नहीं मिला है। कई राज्यों में भी मालिकाना हक मिल चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों की मालिकाना हक की मांग को भीख नहीं बल्कि उनका अधिकार मानते हैं। ऐसे में उनका हक दिलाने के लिए दिल्ली सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इसके लिए वह उपराज्यपाल के पास भी जाएंगे। और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू के पास भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

केन्द्र सरकार ने योगा कराया, हमने योगा किया इसलिए अब गरीबों के लिए 74 (4) के मसले पर भाजपा को भी साथ देना चाहिए। चर्चा के बाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पास कर दिया गया। चर्चा में दिल्ली देहात से संबध रखने वाले कई विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। और किसानों को मालिकाना हक दिलाने की मांग का पूरजोर समर्थन किया।

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