केरल में दशकों से चल रहा खूनी खेल…


नई दिल्ली: 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में अपने भाषण के दौरान बाबा साहब ने कहा था कि वामपंथी इसलिए इस संविधान को नही मानेंगे क्योंकि यह संसदीय लोकतंत्र के अनुरूप है और वामपंथी संसदीय लोकतंत्र को मानते नहीं हैं। केरल में हाल ही में निर्ममता से की गई संघ कार्यकर्ता एस एल राजेश की हत्या क्षुब्द राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। बाबा साहेब अंंबेडकर ने जो वामपंथी विचारधारा के लिए कहा था वह बिल्कुल सही है। केरल में जब से माकपा सरकार बनी हैं तब से वहां भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं की हत्याएं बढ़ गई हैं। यदि इन घटनाओं के इतिहास में जाएं तो केरल में जो हो रहा है वह नया नहीं है।

केरल में हो रही राजनीतिक हिंसा की शुरुआत 1940 के दशक में हुई थी। 1948 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक एम.एस गोलवलकर तिरुवनंतपुरम में एक सभा कर रहे थे तब वामपंथियों ने सभा में हमला कर उसे भंग करने का प्रयास किया था। आज तक केरल में 400 से ज्यादा राजनीतिक हत्याएं हो चुकी हैं। केरल का कन्नूर जिला ऐसी गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र है। केरल में इस जिले में ‘पार्टी गांव’ हैं। इन गांवों में बाकायदा बोर्ड लगे हैं कि माकपा के अलावा किसी अन्य विचाराधारा की बात करना मना है। यहां कि इन इन गांवों में पार्टी के चुनाव चिन्ह का बाकायदा स्टेचू भी लगाया गया है। माकपा के नेतृत्व में मई 2016 में केरल में सरकार बनीं। तब से लगातार राजनीतिक हिंसा में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

केरल के मुख्यमंत्री स्वयं कन्नूर जिले से हैं। वह केरल में हुई पहली राजनीतिक हत्या 28 अप्रैल 1969 को हुई थी। संघ कार्यकर्ता वाडिकल रामकृष्णन की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन स्वयं इस हत्या में आरोपी हैं। इसके बाद से केरल में हो रही राजनीतिक हत्याओं की फेहरिस्त लंबी होती चली गई। आज तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उसके अनुशांगिक संगठनों से जुड़े 400 से ज्यादा लोगों की केरल में निर्ममता से हत्या की जा चुकी है। संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक का कहना है कि कन्नूर केरल का सबसे ज्यादा हिंसा प्रभावित जिला है। जो मुख्यमंत्री का गृहनगर भी है। आज तक केरल में हो रही राजनीतिक हत्याओं को रोकने के लिए कभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। अब समय आ गया है कि केरल के विषय पर सभी को एक मत होकर आवाज उठानी चाहिए। ताकि केरल में हो रहे इस खूनी खेल को रोका जा सके।

– आदित्य भारद्वाज

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend