जीएसटी नंबर न मिलने से कारोबारी परेशान


नई दिल्ली: एक जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित कई बड़े नेताओं की उपस्थिति में पूरे देश में जीएसटी लागू कर दिया गया है। जहां एक तरफ जीएसटी लागू होने से पहले कई जगहों पर इसके खिलाफ विरोध किया जा रहा था वहीं दूसरी ओर लागू होने के बाद बाजारों में हालात सामान्य नजर आए। हालांकि बारिश और शनिवार को छुट्टी का दिन होने की वजह से बाजारों में माहौल कुछ शांत था। सरोजनी नगर की मीनी मार्केट के अध्यक्ष अशोक रंधावा से जब इस मामले को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद बाजार का पहला दिन सामान्य रहा। उन्होंने बताया कि अधिकतर दुकानदारों को जीएसटी का नंबर नहीं मिला है जिसकी वजह से वह जीएसटी कर प्रणाली के तहत अभी अपना कारोबार नहीं कर रहे हैं लेकिन अगले सप्ताह तक जो लोग नया माल खरीदकर लाएंगे उन्हें जीएसटी कर प्रणाली के तहत अपना करोबार करना होगा।

जीएसटी लागू होने से पहले जिस तरह से जनता और कारोबारियों में भय व्याप्त था आज वह देखने को नहीं मिला। अधिकतर बाजारों में पहले की ही तरह कारोबार हुआ और दुकानदारों ने पुराने दरों पर ही कारोबार किया। थोक बाजार में आज कारोबार न के बराबर हुआ। दुकानदारों के पास पुराना माल होने की वजह से उन लोगों ने पुरानी दरों पर ही कारोबार किया। मार्केट में लगा प्री-जीएसटी सेल खत्म हो गया है। रंधावा ने बताया कि आज जीएसटी का सर्वर कई बार डाउन हुआ जिससे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑटोमोटिव एंव जनरल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन पोद्दार ने कहा कि जीएसटी मे अभी तक करीब 60 फीसद कारोबारी इनरोल नहीं हुए हैं जिसकी वजह से भी आज कारोबार नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली के तहत कारोबार होने में अभी वक्तलगेगा। इस पर कंफेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी देव राज बवेजा के अनुसार सदर बाजार में पहले दिन दुकानदारों के पास जीएसटी नंबर न होने की वजह से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इसके अलावा अधिकतर लोगों के पास इनवायस परफर्मा नहीं है। जीएसटी की वजह से ट्रांसपोर्टर भी माल बुक करने से मना कर रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि जब तक नई पॉलिसी के तहत काम शुरू नहीं हो जाता और वह इसे समझ नहीं लेते तब तक माल बुक नहीं किया जाएगा।