बिजली कनेक्शन अब सिर्फ सात दिनों में


पश्चिमी दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नए बिजली कनेक्शन लेने वाले लोगों को अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी। इसी वर्ष के सितम्बर महीने से लोगों को अब नया बिजली कनेक्शन 15 दिन की जगह अब सात दिन में यानी कि एक सप्ताह के अंदर मिल जायेगा। बशर्ते की कोई कोई बड़ी अड़चन न हो। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली आपूर्ति कोड और परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड रेग्युलेशन 2017 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। साथ ही इसे पास करते हुए कहा है कि यह नया प्रस्ताव एक सितंबर 2017 से लागू हो जायेगा। डीईआरसी के अनुसार इस नए ड्राफ्ट में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने हुए कई समस्याओं से निजात दिलाने की कोशिश की गई है।

डीईआरसी के अनुसार इस प्रस्ताव के तहत बिजली उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन मिलने की समय-सीमा कम कर दी गई है। समय कम करने के पीछे मकसद है कि पहले बिजली कंपनियां एक बिजी कनेक्शन देने में 15 दिन का समय लगाती थी, जिससे उपभोक्ता को परेशानी होती थी। बिजली न होने की स्थिति में एक व्यक्ति पर क्या असर पड़ता है, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उपभोक्ताओं की मांग भी थी कि इस समय को कम किया जाए। इस कारण अब बिजली कनेक्शन देने की समय सीमा को 7 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा बिजली चोरी के मामलों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए संबंधित नियम को और सख्त बनाया गया है। बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ताओं को नोटिस के साथ साक्ष्य के रूप में विडियोग्राफी की कॉपी देने का निर्णय लिया गया है।

ताकि कंपनी द्वारा बिजली चोरी का जो आरोप लगाया जाता है उसकी पुष्टि हो सके। इतना ही नहीं, 50 किलोवाट या इससे अधिक लोड के लिए नए कनेक्शन के लिए अब ऑनलाइन आवेदन ही जमा हो सकेंगे। नए प्रस्ताव में इसे आवश्यक कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन न करने वालों का आवेदन रद्द भी किया जा सकता है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं के हित में प्रस्ताव में निर्णय लिया गया है कि अगर बिजली वितरण कंपनियों की लापरवाही से बिजली कटौती हुई है तो उपभोक्ताओं को उसके लिए हर्जाना मिलेगा। उपभोक्ताओं को प्रति घंटे 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक हर्जाना देने की बात इस प्रस्ताव लाई गई गई है। 20 किलोवाट तक लोड वाले उपभोक्ताओं को प्रति घंटे 10 रुपये तक का हर्जाना देना होगा। यह हर्जाना अधिकतम 200 रुपये तक हो सकता है। जबकि इससे अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को हर्जाने के लिए कमिशन में क्लेम फाइल करना होगा।