दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-अलवर के बीच चलेगी रैपिड रेल


नई दिल्ली: दिल्ली से पानीपत और दिल्ली से अलवर के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल की अड़चनें कम होती नजर आ रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दोनों ही रैपिड रेल लाइनों को नेशनल हाईवे के समानांतर बनाने के लिए अपनी सैद्धांतिक मंजूरी देने का फैसला किया है। इसका असर यह होगा कि इससे न सिर्फ इन दोनों रैपिड रेल लाइनों के लिए जमीन के अधिग्रहण की बेहद कम जरूरत होगी। इससे यह प्रॉजेक्ट न सिर्फ तेजी से पूरा किया जा सकेगा बल्कि इसकी लागत में भी कमी आएगी। एनएचएआई चेयरमैन दीपक कुमार ने हाईवे के समानांतर रैपिड रेल बनाने के लिए अपनी सैद्बांतिक मंजूरी दी। इस परियोजना के तहत दिल्ली से अलवर के बीच 180 किमी की रैपिड रेल लाइन बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर 37 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे जबकि दिल्ली से सोनीपत होते हुए पानीपत के लिए 111 किमी की लाइन पर 16 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है। दिल्ली-मेरठ लाइन पर पहले से ही तैयारियां चल रही हैं।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इन दोनों ही रैपिड रेल लाइनों को लेकर शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अगुवाई में हुई बैठक में रैपिड रेल लाइनों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में एनएचएआई चेयरमैन दीपक कुमार के अलावा एनसीआर ट्रांसपॉर्ट कॉरपोरेशन के वी.के सिंह समेत कई सीनियर अफसर मौजूद थे। गौरतलब है कि एनसीआरटीसी चाहता था कि उसे दिल्ली पानीपत लाइन को नेशनल हाईवे के समानांतर ही बनाने की इजाजत दी जाए लेकिन उस वक्त एनएचएआई का कहना था कि इससे उसके एक्सटेंशन प्लान पर असर पड़ सकता है इसलिए एनसीआरटीसी भले ही हाईवे के समानांतर बनाए लेकिन उसे हाईवे से एक हिस्सा छोड़कर बनाए। इससे रैपिड रेल के लिए कई मकान तोडऩे पड़ते और जमीन का अधिग्रहण भी करना पड़ता। इसी वजह से यह मामला पिछले कई महीनों से चल रहा था।