रेहड़ी-पटरी का लाइसेंस देकर कमाओ करोड़ों रुपए: माकन


नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन, रेहड़ी-पटरी यूनीयन के प्रतिनिधियों के साथ एलजी अनिल बैजल से मिले। इस दौरान अजय माकन ने एलजी से कहा कि जून 2017 में दिल्ली की अलग-अलग 17 जगहों से उजाड़े गए लगभग 15 हजार रेहड़ी-पटरी वालों को दोबारा स्थापित करने तथा सरकारी एजेंसियों के द्वारा और अन्य रेहड़ी-पटरी वालों को न उजाड़े जाने का अनुरोध किया। उन्होंनें कहा कि दिल्ली की सरकारी एजेंसियां दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश की आड़ में गरीब रेहड़ी-पटरी वालों को परेशान कर रही हैं, जिसमें रेहड़ी-पटरी वालों का नाम तक नही है।

अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सोच थी कि भारतवर्ष में असंगठित रेहड़ी-पटरी वालों की समस्याओं का निवारण किया जाये, जिसके लिए कांग्रेस की यूपीए सरकार ने मार्च 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 तमाम विरोधों के बावजूद भी संसद से पास कराया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत 6 महीने में एक योजना बनाकर टाउन वेंडिंग कमेटियों का गठन करना था व एक साल के अंदर टाउन वेंडिंग कमेटी से सम्बन्धित रूल्स बनाऐ जाने थे। टाउन वेन्डिंग कमेटी में 40 प्रतिशत रेहड़ी-पटरी के चुने हुए प्रतिनिधियों को शामिल करना था व 60 प्रतिशत में आरडब्लूए के प्रतिनिधि, व्यापारियों के प्रतिनिधि, यातायात पुलिस के प्रतिनिधि, निगमों के प्रतिनिधि तथा इंजीनियरस को शामिल करना था।