उच्चतम न्यायालय है स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के समग, दिशानिर्देश के पक्ष में


Supreme Court

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समग, दिशानिर्देश तैयार करेगा और उसने केंद, एवं राज्यों द्वारा बनाये गये नियमों का संकलन उसके विचारार्थ तैयार करने का आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ इस संबंध में कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। उनमें एक याचिका उस व्यक्ति ने दायर की है जिसके सात साल के बेटे को सितंबर में गुरुगांव में रयान इंटरनेशनल स्कूल में गला रेंतकर मार डाला गया था।

पीठ में न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं। पीठ ने सभी संबंधित पक्षों से समग, संकलन के लिए सुझाव देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख चार दिसंबर तय की। न्यायालय ने वकील सुचिता श्रीवास्तव से वर्तमान दिशानिर्देशों का अध्ययन करने, केंद्र, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राज्य सरकारों एवं अन्य संबंधित पक्षों के सुझावों पर विचार करने तथा फिर समग, रिपोर्ट तैयार कर पेश करने को कहा।

श्रीवास्तव उन दो महिला वकीलों के वकीलों में एक हैं जिन्होंने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर अलग अलग याचिकाएं दायर की हैं। पीठ ने कहा, हम भविष्य में दिशानिर्देश तैयार करने जा रहे हैं। इस बीच बरुण चंद, ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल ने सीबीएसआई के जवाब का हवाला दिया और कहा कि यदि बोर्ड के दिशानिर्देशों का पालन किया गया होता तो रयान इंटरनेशनल स्कूल में यह दुर्भाज्ञपूर्ण वारदात नहीं होती। ठाकुर के बेटे के इसी स्कूल में हत्या हुई थी।

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