नायडू के पक्ष में भी होगी क्रॉस वोटिंग


नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की शानदार जीत से संकेत मिलने लगा है कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी वैंकेया नायडू के समर्थन में विपक्षी वोटर क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। वर्तमान आकलन में 786 में से 490 सांसदों का समर्थन नायडू को मिल रहा है। जाहिर है कि विपक्ष बिखर रहा है। वामपंथियों के प्रयास विफल हो रहे हैं। चर्चा गर्म है कि राजनीतिक गणित में संघ परिवार लगातार अपने हिसाब की बिसात बिछाने में सफल हो रहा है। भाजपा के विस्तार तथा राजग के कुनबे में बढ़ौतरी के चलते आज राष्ट्रपति पद पर रामनाथ कोविंद की जीत से पीएम नरेन्द्र मोदी एक बार फिर संगठन के कद्दावर नेता साबित हुए हैं। राष्ट्रपति पद के लिए कोविंद सरीखे विनम्र व विद्वान को उम्मीदवार बनवाकर जो कार्ड मोदी ने खेला उससे विपक्ष खासा घाटे में रहा, जबकि मिशन 2019 की व्यूह रचना को भी ताकत मिली है।

चर्चा गर्म है कि उपराष्ट्रपति पद की लड़ाई में भी मोदी ने जो दाव खेला है उस उठापटक में भाजपा के उम्मीदवार वैंकेया नायडू भारी-भरकम दावेदार साबित होंगे। हालांकि नायडू की भी जीत निश्चित है, किन्तु यहां भी मोदी के कहने पर अमित शाह की टीम विपक्ष में सेंध लगाने की फिराक में है। पता चला है कि अब तक के आकलन में 786 सांसदों में से 490 सांसदों का समर्थन नायडू को मिल रहा है, जबकि मोदी लॉबी 500 का आंकड़ा लांघने का दाव खेल रही है। उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा+राज्यसभा के सांसद अपने वोट से इतिहास रचते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत से उत्साहित भाजपा के रणनीतिकार उपराष्ट्रपति चुनाव में भी विपक्षी खेमे में उतार-चढ़ाव लाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। संसद के दोनों सदनों के 790 में से 786 सांसद प्रभावी मतदाता हैं। चार स्थान रिक्त हैं। ऐसे में जीत के लिए 394 का आंकड़ा चाहिए, जबकि आम चर्चा यह है कि जैसे जमकर राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद के पक्ष में विपक्ष की ओर से क्रॉस वोटिंग हुई उससे समझा जा रहा है कि उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी वैंकेया नायडू के पक्ष में भी क्रॉस वोटिंग होगी, क्योंकि इस चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता इसलिए सांसद अपने दल की प्रतिबद्धता से बाहर जाकर भी मतदान कर सकते हैं।

– दिनेश शर्मा