बिना तैयारी के लागु हुआ GST आमजन को होंगी दिक्कतें: कांग्रेस


congress

नई दिल्ली : कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा सरकार की दिलचस्पी लुभावने नारों, टैगलाइनों और संक्षिप्त शब्दों में है और विश्वसनीयता हासिल करने के लिए वह संप्रग की नीतियों का रूख करती है। कांग्रेस का कहना है कि जीएसटी इसका स्पष्ट उदाहरण है। जीएसटी को “गुड्स एंड सर्विसेज तमाशा” बताते हुए कांग्रेस ने अपनी वेबसाइट पर डाले एक लेख में कहा कि कर सुधार से जुड़ी तैयारी में कमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले से काफी हद तक मेल खाती है।

लेख में कहा गया है कि “इसकी योजना ढंग से नहीं बनाई गई, इसके लिए अवसंरचना नहीं लगाई गई और इससे आम आदमी को अनकही दिक्कतें ही पेश आएंगी।” ‘बिना तैयारी वाला जीएसटी’ शीर्षक वाले इस लेख में कहा गया,”भाजपा सरकार को लुभावने नारों, टैगलाइनों और संक्षिप्त शब्दों से ज्यादा ही लगाव है। लेकिन दुखद बात यह है कि जन नीतियों के मामले में उनकी चतुराई खत्म हो जाती है। मौलिकता के अभाव में वे अपनी सरकार की साख बढ़ाने के लिए अकसर संप्रग की नीतियों का रूख करते हैं।”

लेख में कहा गया कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह जीएसटी के सबसे मुखर विरोधियों में से एक थे। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने रूख बदल लिया। लेख में कहा गया है कि “संप्रग के नजरिए का अनुसरण करने की इच्छा में शायद वह मूल बात भूल गए।” कांग्रेस ने कहा कि मोदी यह भूल गए कि जीएसटी की कल्पना ‘एक दर वाले कर’ के रूप में की गई थी लेकिन जो भाजपा ने लागू किया है, वह “इसका मजाक है।”

इसमें कहा गया, “इसमें 0.25, 3, 5, 12, 18, 28 और 40 प्रतिशत जैसी दरें इसमें हैं। राज्य सरकारों के अधिकारों के कारण ऐसा है। संप्रग सरकार होती तो वह अधिकतम सीमा 18 प्रतिशत कर देती। संयोगवश मोदी सरकार के अपने प्रमुख आर्थिक सलाहकार ने भी लगभग इतनी ही यानी 15.5 प्रतिशत का सुझाव दिया।” लेख में यह भी कहा गया कि जीएसटी से जुड़ी उलझनें सरकारी विभागों तक फैली हुई हैं और जयपुर नगर निगम में 200 करोड़ से ज्यादा के टेंडर अटके पड़े हैं क्योंकि न तो जेएमसी के अधिकारी और न ही ठेकेदार ही जानते हैं कि टेंडर बिलों पर जीसटी की कौन सी दर लगेगी।

इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री के गृहराज्य गुजरात में विरोध प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों पर लाठियां बरसाई गई और दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन हुए। कांग्रेस ने कहा,”जीएसटी का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर का परीक्षण नहीं किया गया। इन सबसे देशभर में उलझन की स्थिति बढ़ती है। हमारे देश की कमान एक ऐसी बेपरवाह सरकार के हाथ में है, जो जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं की व्याख्या नहीं करना चाहती , शायद वह ऐसा कर पाने में समर्थ ही नहीं है।”

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.