EC के ‘दो वोट रद्द’ करने के फैसले पर CM विजय रूपानी बोले ‘कानूनी लड़ाई लड़ेंगे’


गुजरात राज्यसभा चुनाव में चुनाव आयोग की तरफ से कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ भाजपा ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। भाजपा का मानना है कि इन्हीं दो वोटों के रद्द होने से अहमद पटेल को जीत हासिल हुई है। इसी पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा है कि “हम चुनाव आयोग के इस फैसले से सहमत नहीं है और रद्द हुए वोटों के लिए आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “अगर चुनाव आयोग विधायक भोला भाई और राघव भाई के दो वोटों को रद्द नहीं करता तो अहमद पटेल की हार पक्की थी।”

कैसे बदला जीत का गणित ?

दरअसल, कांग्रेस के बागी विधायक भोला भाई और राघव भाई के वोट रद्द होने के बाद जीत के लिए जरूरी आंकड़े में बदलाव हो गया। जीत के लिए 43.5 वोट चाहिए थे। जबकि, अहमद पटेल को 44 वोट मिले और वह 0.50 वोट से जीत गए। अहमद पटेल को जो 44 वोट मिले, उनमें कांग्रेस के 41, जेडीयू का एक, एनसीपी का एक और बीजेपी के बागी विधायक का एक वोट शामिल था।