गुजरात राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, एक-एक वोट के लिए खींचतान


गांधीनगर : प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में जबरदस्त राजनीतिक गहमागहमी के बीच सत्तारूढ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का बडा प्रश्न बन गयी राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आज मतदान के दौरान भाजपा के सचेतक पंकज देसाई ने पहला वोट डाला हालांकि इस दौरान आशंका के अनुरूप शुरूआत में ही कांग्रेस के कुछ विधायकों ने कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग भी की है।

Source

इस दौरान कांग्रेस के कम से कम तीन विधायकों ने पार्टी व्हिप को धत्ता बताते हुए भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाले। तीनो बागी वाघेला गुट के बताये गये हैं। उधर एक एक मत के महत्व वाले इस चुनाव में लगातार आ रहे रोमांचक मोड के तहत अब राकांपा के दो में से विधायक तथ इसके प्रदेश अध्यक्ष जयंत पटेल ने दावा किया है उन्होंने कांग्रेस के अहमद पटेल को वोट दिया है। राकांपा ने शुरूआत में श्री पटेल को ही समर्थन की बात कही थी पर कल रात दूसरे विधायक कांधल जाडेजा ने कहा था कि उन्हें भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के निर्देश आलाकमान से मिले हैं।

Source

उधर, शुरूआत में ही मतदान करने वाले शंकरसिंह वाघेला ने साफ कहा कि उन्होंने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने अजीज कांग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल को वोट नहीं दिया है क्योंकि वह हार रहे हैं और उन्हें वोट देने का कोई मतलब नहीं है। भाजपा तीनों सीटें जीत जायेगी। उनके समर्थक कांग्रेस विधायक राघवजी पटेल ने भाजपा के तीसरे प्रत्याशी को वोट देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस छोड कर भाजपा में शामिल हो जायेंगे।

Source

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने आरोप लगाया कि श्री पटेल और भोला गोहिल ने अपने बैलेट भाजपा के चुनाव एजेंट और प्रत्याशियों को दिखाये हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मतदान के बाद कहा कि तीनो भाजपा उम्मीदवार जीतेंगे। उधर भाजपा प्रवक्ता भरत पंडया ने कहा कि आज के परिणाम के बाद देश भर में कांग्रेस में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

मौजूदा विधानसभा में मरम्मत कार्य के कारण मतदान स्थल यहां सरकार के मुख्य प्रशासनिक परिसर स्वर्णिम संकुल दो में बनाया गया है। विधानसभा के सचिव तथा रिटर्निंग ऑफिसर डी एम पटेल ने बताया कि मतदान शाम चार बजे तक होगा। मतगणना पांच बजे से होगी। इसके लिए सुरक्षा के कडे प्रबंध किये गये हैं। कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे के बाद 182 सदस्यीय विधानसभा में अब कुल 176 विधायक और इतने ही मतदाता हैं। यह चुनाव ओपन बैलेट और वरीयता प्रणाली से हो रहा है। परिणाम शाम साढे सात तक आ जाने की उम्मीद है। यह चुनाव भाजपा की श्रीमती स्मृति ईरानी (केंद्रीय मंत्री) तथा दिलीप पंडया और कांग्रेस के अहमद पटेल (श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव) के कार्यकाल पूरा होने के कारण हो रहे हैं। चुनाव में भाजपा की ओर से इसके अध्यक्ष अमित शाह तथा श्रीमती ईरानी और कांग्रेस छोड कर भाजपा में आये बलवंत सिंह राजपूत तीन उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस के एकमात्र उम्मीदवार के तौर पर श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल मैदान में हैं। जो जीतने पर पांचवी बार संसद के उच्च सदन के सदस्य बन सकते हैं। चारो प्रत्याशी सुबह ही मतदान स्थल पर पहुंच गये थे। राज्य में 1996 के बाद पहली बार राज्यसभा चुनाव हो रहा है।

Source

27 और 28 जुलाई को कांग्रेस के 57 में से 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद इनमें से तीन भाजपा में शामिल हो गये थे जिनमें से एक श्री राजपूत भी हैं। इसके बाद ही कांग्रेस ने सत्तारूढ भाजपा पर हर तरह के दबाव के जरिये इसके विधायकों की खरादफरोख्त के प्रयास का आरोप लगाते हुए 44 विधायकों को बेंगलोर भेज दिया था।

हालांकि ये विधायक कल सुबह लौट आये और उन्हें मध्य गुजरात के एक रिसार्ट में रखा गया था। इनमें से 42 एक साथ वोट देने के लिए बस से पहुंचे। दो अन्य शक्ति सिंह गोहिल और शैलेष परमार पहले से ही कांग्रेस के चुनाव एजेंट के तौर पर मतदान स्थल पर मौजूद थे। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के एक बागी समेत 122, कांग्रेस के 51 (बागी शंकर सिंह वाघेला, जो भाजपा प्रत्याशी श्री राजपूत के निकट रिश्तेदार हैं तथा उनके छह समर्थकों समेत) तथा राकांपा के दो और जदयू का एक विधायक है। श्री शाह और श्रीमती ईरानी की जीत लगभग पक्की है।

श्री राजपूत तथा श्री पटेल के बीच मुकाबला है। श्री पटेल ने जीत के लिए जरूरी 45 का आंकडा होने का दावा किया है। राकांपा के दो विधायकों के मत को लेकर खासी खींचतान है। इनमें से एक ने कांग्रेस को वोट देने का दावा किया। गुजरात परिवर्तन पार्टी की टिकट पर चुने गये भाजपा (दल के विलय के चलते) के एक बागी नलिन कोटडिया, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस की श्रीमती मीरा कुमार को वोट दिया था, के श्री पटेल को समर्थन देने की संभावना थी पर उनके कल रात भाजपा के रात्रिभोज में शामिल होने से ऐसा नहीं माना जा रहा। चुनाव में नोटा यानी उपरोक्त में से कोई नहीं का विकल्प होने से भी परिदृश्य रोचक हो गया है।

कांग्रेस ने पहले ही केवल श्री पटेल को वोट देने तथा नोटा अथवा दूसरी, तीसरी वरियता का उपयोग नहीं करने के बारे में व्हिप जारी कर रखा है जबकि भाजपा ने भी कल अपने विधायकों की बैठक के बाद उन्हें मतदान के दौरान मौजूद रहने और पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान के लिए व्हिप जारी किया है।