अदालत से बरी हुए श्रमिकों को दी जाए दोबारा नौकरी: यूनियन


गुरुग्राम: श्रमिक संगठनों ने वर्ष 2012 की 18 जुलाई को हुई दुखद घटना की पांचवी वर्षगांठ मनाई। उस दौरान आईएमटी मानेसर के मारुति प्लांट में हुई घटना के बाद डेढ सौ कर्मचारियों को जेल भिजवा दिया गया था। सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था। मंगलवार को मारुति सुजुकी मजदूर संघ की सभी युनियनों ने मिलकर वर्षगांठ मनाई और उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचकर सरकार के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उच्च स्तरीय न्यायायिक जांच की मांग की गई।

आईएमटी मानेसर में वर्ष 2012 की 18 जुलाई को मारुति प्लांट में घटना हुई थी। उसी की वर्षगांठ मनाते हुए सभी कर्मचारी युनियन के कार्यकर्ता पहले राजीव चौक पर एकत्रित हुए। उसके बाद श्रमिक रैली के रूप में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जेल में बंद श्रमिकों को रिहा कराया जाए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जो श्रमिक अदालत से बरी हो चुके हैं आज वो बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं उनको वापस नौकरी पर लिया जाए।

मारुति सुजूकी मजदूर संघ के कुलदीप जांघू ने बताया कि इस प्रदर्शन में मारुति कार प्लांट, एनपीटी, सुजूकी मोटर साईकिल मारुति उद्योग कामगार यूनियन, बेल सोनिका सहित गुडग़ांव मानेसर, बिनौला, धारुहेड़ा, बावल की हीरो मोटो काप्र्स होंडा स्कूटर सोना स्टेरिंग सनबीम, बजाज मोटर्स, कैरियर, हैमा, हितेशी इंडिया, ल्युमैक्स, मुंजाल क्रुयु, दूधमानसागर, मुंजाल सोवा, नपीनो, नैरोलेक, एशियन सहित अन्य श्रमिक यूनियनों के श्रमिकों ने भी भाग लिया। जांघू के अनुसार श्रमिक अपनी शिफ्ट की नौकरी पूरी की और उसके बाद वे रैली में शामिल हुए।

–  सतबीर, अरोड़ा