डस्टबिन खरीद में अनियमितता की जांच करेगी कमेटी


गुरुग्राम: गुरुग्राम में जिला परिषद् की साधारण बैठक में आज पंचायतों द्वारा खरीदें गए डस्टबिनों में अनियमितता बरतने का मामला सामने आया जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने पार्षदों की पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जो मामले की जांच करके रिपोर्ट सदन को सौंपेगी। गुरुग्राम के स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् हॉल में आज जिला परिषद् की साधारण बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता जिला परिषद् के चेयरमैन कल्याण सिंह चौहान ने की। इस बैठक में पार्षद सुशील चौहान ने पंचायतों द्वारा खरीदे गए डस्टबिनों मे अनियमितता बरतने का मुद्द उठाया। सदन के सभी सदस्यों ने मामले की जांच की मांग की। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार ने जांच के लिए पांच पार्षदों नामत: तेजराम, सुशील चौहान, धर्मेन्द्र खटाना , दीपचंद तथा राकेश बिलासपुर की कमेटी बनाई। यह कमेटी मामले की जांच कर इसकी रिपोर्ट अगली बैठक में देगी।

आज आयोजित बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा, बैठक में पार्षदों को नए बजट के अलॉटमेंट के बारें में बताया गया। श्री जितेन्द्र ने बताया कि जिला परिषद् को विकास कार्य करवाने के लिए 1 करोड़ 36 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई है। इससे पहले जिला परिषद् को चौथे वित्त आयोग के तहत 3 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई थी जिसे चरणबद्ध तरीके से पार्षदों को आबंटित किया गया था। इसके साथ ही बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि की समीक्षा की गई। इसके अलावा, बैठक में जिला परिषद् की संपत्ति की देख-रेख के लिए पार्षदों की दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई जिसके सदस्य पार्षद विजय यादव व भूपेन्द्र को सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया। यह कमेटी जिला परिषद् की संपत्ति से अतिक्रमण हटवाएगी और संपत्ति की देख-रेख करेगी। श्री जितेन्द्र कुमार ने सुझाव रखा कि जिला परिषद् की संपत्ति की देखरेख के लिए रिटायर्ड पटवारी व कानूनगो की नियुक्ति होनी आवश्यक है जिस पर सदन के सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई। श्री कुमार ने कहा कि सरकार को जल्द ही रिटायर्ड पटवारी व कानूनगो की नियुक्ति करने संबंधी पत्र लिखा जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि गुरुग्राम के विभिन्न ब्लॉकों में चल रहे विकास कार्यों के सुपरविज़न के लिए तीन-तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी समय-समय पर विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेंगी और अनियमितता पाए जाने पर सदन को अवगत करवाएगी। सदस्यों का मानना था कि कमेटी गठित होने का सबसे फायदा यह होगा कि इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी और पार्षदों की भागीदारी होने से उनका सदन में विश्वास बढ़ेगा। सदन में बिजली व पानी संबंधी समस्याएं भी पार्षदों द्वारा रखी गई जिस पर कार्यवाही करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

श्री कुमार ने कहा कि जिला परिषद् की साधारण बैठक का उद्देश्य विकास कार्यों को गति प्रदान करना है । उन्होंने कहा कि हम सभी लोकतंत्र का हिस्सा है और यह जरूरी है कि हम कार्य प्रणाली पर विश्वास रखें। किसी भी काम को करने से पूर्व उस पर गंभीरता से विचार-विमर्श करें और उसे बेहतर ढंग से व ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास करें। उन्होनें सदन के सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक दूसरे का सहयोग करें और मिलजुल कर काम करें। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ जिला परिषद् के उपाध्यक्ष संजीव कुमार, जिला परिषद के उप कार्यकारी अधिकारी ऋषि डांगी, सोहना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जरनैल सिंह नैन सहित अन्य सदस्यगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

– सतबीर, अरोड़ा, आर्य

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