किसानों को फसलों का बीमा करवाना अनिवार्य


कैथल: हरियाणा सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा योजना खरीफ 2017 अधिसूचित की गई है, जिसमें विभिन्न फसलों के लिए प्रत्येक एकड़ प्रिमियम राशि एवं बीमित राशि निर्धारित की गई है। खरीफ 2017 के लिए 4 फसलों जीरी, बाजरा, मक्का और कपास को शामिल किया गया है। फसली ऋण लेने वाले किसानों के लिए अपनी फसलों का बीमा करवाना अनिवार्य है, जबकि गैर ऋणी किसानों के लिए यह योजना वैकल्पिक है।

आगामी 31 जुलाई तक इन चारों फसलों के लिए बीमा करवाया जा सकता है। उपायुक्त संजय जून ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित की गई योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत को बीमा यूनिट माना गया है। कपास फसल के लिए 552 रुपए प्रिमियम राशि तथा बीमित राशि 27 हजार 600 रुपए प्रति एकड़ जीरी के लिए प्रति एकड़ 429 रुपए प्रीमियम राशि तथा 28 हजार 600 रुपए बीमित राशि, बाजरा के लिए प्रत्येक एकड़ 201 रुपए प्रिमियम राशि तथा 13 हजार 400 रुपए बीमित राशि एवं मक्का हेतू प्रति एकड़ 288 रुपए प्रिमियम राशि एवं 14 हजार 400 रुपए बीमित राशि निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय आपदा जैसे भूस्खलन, जल भराव व ओलावृष्टि की स्थिति में किसान को 24 घंटे के अंदर इसकी सूचना कृषि उपनिदेशक कार्यालय में देनी होगी। ऐसी स्थिति में स्वयं किसान द्वारा फसल में हुए नुकसान का आंकलन नही किया जाना है, बल्कि इस नुकसान का आंकलन कृषि विभाग के अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि एवं किसान द्वारा संयुक्त रुपए से किया जाना है। किसान द्वारा आवेदन पत्र देने के 12 दिनों के अंदर कृषि विभाग किसान की उपस्थिति में नुकसान की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करेगा। इन सभी तीनों स्थानीय आपदाओं की स्थिति में नुकसान का आंकलन खेत स्तर पर किया जाएगा।

(मनोज वर्मा)