पंचकुला को ‘पिरामिड’ सौगात


चंडीगढ़: हरियाणा के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री अनिल विज ने कहा है कि केंद्र सरकार के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल में तथा हरियाणा सरकार के लगभग ढाई वर्षों के कार्यकाल के दौरान भारतीय चिकित्सा पद्धति (आयुष) को बढ़ावा देने के लिए जितने प्रयास किए गए है, वे पहले कभी नहीं हुए और आज पूरा विश्व आयुष के लिए भारत की ओर देख रहा है। भले ही साईंस ने शल्य चिकित्सा क्षेत्र में उन्नति हो परंतु हमारे शास्त्रों में आयुष के माध्यम से शल्य चिकित्सा को प्राचीनकाल से ही उच्चतर स्थान मिला है। मनुष्य सिर तक के प्रत्यारोपण के उदाहरण हमें देखने को मिल रहे है। आज जर्मन व चीन जैसे देश सिर प्रत्यारोपण के क्षेत्र में कार्य करने की दिशा में बढ़ रहे है। श्री विज गुरुवार को पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित आयुष भवन में पिरामिड के आकार के लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाए गए प्रशिक्षण एवं ध्यान केंद्र का उद्घाटन करने के उपरांत उपस्थित आयुर्वेद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पंचकूला के लोगों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस ध्यान केंद्र का लाभ मिलेगा और इसमें योग प्रशिक्षण कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से आरंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंचकूला के लिए यह भी एक बड़ी बात है कि यहा मनसा देवी कांप्लैक्स में 300 बिस्तरों के अस्पताल सहित एम्स की तर्ज पर आयुष का एक संस्थान खोला जा रहा है, जिसमें न केवल देश के बल्कि विदेशों के विशेषज्ञ भी आयुष में अनुसंधान का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर हर नागरिक अस्पताल में अलग से आयुष विंग की स्थापना की गई है। इसके साथ-साथ राजकीय आयुर्वेदिक संस्थानों में पंचकर्मा केंद्र अनिवार्य रुप से स्थापित किए गए हैं। पंचकर्मा के लिए पहले लोग केरल जैसे राज्यों में जाने की सोचा करते थे, तो आज हरियाणा के पंचकर्मा केंद्रों में 10-10 दिन तक की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। पीएचसी व सीएससी में भी आयुर्वेंद डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले लोगों में आयुर्वेंद को धर्म से जोड़ा जो सही नहीं है। आज हल्दी को पेटेंट किया जा रहा है, परंतु भारत में तो बचपन से ही सब्जियों में हल्दी का प्रयोग अनिवार्य रू प से हमारी माताएं करती रही है। इसी प्रकार दाल, चीनी व अन्य मसालों का प्रयोग प्राचीन समय से ही भारत में होता रहा है और विश्व के दूसरे देशों में आज दूध में हल्दी मिलाकर गोल्डन मिल्क के नाम से बेचा जा रहा है। भारतीय प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आज उस मुकान तक पंहुचाने का प्रयास हमारी सरकार कर रही है, जिसकी वो वास्तव में हकदार है। आज आयुष तरक्की कर रहा है, इसमें कोई संदेह नहीं है। प्राचीन काल से अगर औषधिय पौधों का अस्तित्व नहीं होता तो आज मानव जाति खतरे में होती। उन्होंने कहा कि आज यहां बनाया गया पिरामिड आधारित इस प्रशिक्षण एवं ध्यान केंद्र का भी विशेष महत्व है। पिरामिड रूप में बने इस केंद्र के अंदर योग करने से बाहर योग करने की तुलना से अधिक लाभ मिलेगा।

52 डिग्री कोण पर बने इस पिरामिड के अंदर का तापमान हमेशा 20 डिग्री रहता है। पिरामिड मिस्र की संस्कृति भले ही हो, इसे विश्व के सातवें अजूबे में भी शामिल किया गया है परंतु दक्षिण भारत के मंदिरों के गुबंद पिरामिड रुप में ही बने है। विधायक एवं राज्य मुख्य सचेतक ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला में आयुर्वेंद को बढ़ावा देने के लिए की गई पहल के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब से अनिल विज स्वास्थ्य मंत्री बने है, हरियाणा नागरिक अस्पतालों की कायाकल्प हुई है।  उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से पंचकूला जिला को एक नई सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुष का एम्स स्थापित किया जा रहा है, जो देश का पहला संस्थान होगा। उन्होंने कहा कि श्रीमाता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड द्वारा 20 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई गई है।

(अनूप कुमार)

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend