आईटीआई में कक्षाएं चालू न करने से लोग नाराज


पटौदी: पटौदी के ग्राम ऊंचामाजरा की आईटीआई में उद्घाटन के डेढ़ वर्ष बाद भी कक्षाएं न लगने से ऊंचामाजरा ग्राम के लोगों में ही नहीं अपितु आस पास के गांवों के लोगों में भी सरकार के प्रति तीव्र रोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि पटौदी के ग्राम ऊंचामाजरा को राव इंद्रजीत सिंह ने गोद लिया हुआ है। ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने यहां कांगेस के कार्यकाल में आईटीआई मंजूर की थी। ग्राम पंचायत ऊंचा माजरा ने इसके लिए लगभग सवा पांच एकड़ भूमि सरकार को आईटीआई बनाने के लिए दी थी। लगभग 10.33 करोड़ रूपय की लागत से भाजपा शासनकाल में यह बनकर तैयार हुई तथा 15 फरवरी 2016 को लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने इसका उद्घाटन किया था। तब उन्होंने घोषणा की थी कि वर्ष 2016 में ही आईटीआई की कक्षाएं चलनी प्रारम्भ हो जाएंगी। तब कहा गया था कि इसमें 52 ट्रेड यूनिट चलेंगी तथा लगभग 816 विद्यार्थी एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। परंतु गत वर्ष कक्षाएं नहीं लगाई गईं।

इसे इस वर्ष भी प्रारम्भ करना तो दूर रहा, सरकार ने यह भवन केंद्र सरकार को महिला शिक्षुता प्रशिक्षण संस्थान चलाने के लिए दे दिया है और इसमें भी अभी दाखिले प्रारम्भ नहीं हुए हैं। ग्राम के देशराज नामक व्यक्ति द्वारा लगवाई गई आरटीआई में सरकार का जवाब आया है कि जब तक मानेसर में यह केंद्र बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक इसे महिला शिक्षुता प्रशिक्षण संस्थान के रूप में ही चलाया जाएगा। इससे ग्रामीणों में सरकार के प्रति खासा रोष है। उनका कथन है कि ग्राम पंचायत ने करोड़ों रूपय की यह भूमि आईअीआई बनाने के लिए दी थी तथा करोड़ों की लागत से आईटीआई का भवन बनकर कब का तैयार भी हो चुका है। अब इसमें आईटीआई न खोलना ग्राम ऊंचामाजरा के लोगों से ही नहीं अपितु पूरे क्षेत्र भर से धोखा है क्योंकि इसमें क्षेत्र भर के युवा प्रशिक्षण लेते।

सरकार जो संस्थान खोलने जा रही है उससे यहां के लेागों को कोई खास लाभ होने वाला नहीं है। सरकार उसे भी चालू करना चाहती है तो बेशक करे परंतु वह किसी छोटे भवन में भी चलाया जा सकता है। इसके लिए ऊंचा माजरा की आईटीआई की बलि देने की आवश्यकता कतई नहीं है। पंचायत समिति सदस्य बलाराम के अनुसार क्षेत्र के ग्राम ऊंचा माजरा, बासपदमका, भोड़ाकलां, भोड़ा खुर्द, नूरपुर भोड़ा, सिद्धरावली, नरहेड़ा, मुमताजपुर, मिर्जापुर तथा बपास सहित अनेक गांवों के सरंपचों ने इसको लेकर सरकार को एक पत्र भी लिखा है कि इस आईटीआई को अविलम्ब चालू किया जाए। लोग इस बात से भी हैरान हैं कि एक ओर राव इंद्रजीत सिंह ने इस गांव को गोद ले रखा है दूसरी ओर सरकार इसी गांव की आईटीआई को चालू न कर लोगों का गला घोट रही है।

(अदलखा)

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